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ट्रंप के खास एआई नीति सलाहकार श्रीराम कृष्णन छोड़ेंगे व्हाइट हाउस; 18 महीने में तैयार किया था अमेरिका का 'AI Action Plan'

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  • Updated Jun 7, 2026, 06:58 AM IST

व्हाइट हाउस के वरिष्ठ एआई नीति सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने जून के अंत में अपना पद छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व की सराहना की और 'अमेरिकन एआई एक्शन प्लान' जैसी अपनी बड़ी उपलब्धियों को साझा किया।

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जून के अंत में व्हाइट हाउस छोड़ेंगे एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन (X/@sriramk)

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US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुख्य रणनीतिकार और नीति सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कृष्णन ने बताया कि वह इस महीने (जून) के अंत में व्हाइट हाउस छोड़ देंगे। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन में अपने 18 महीनों के कार्यकाल को जीवन का सबसे बड़ा विशेषाधिकार बताया। पद छोड़ने के बाद एक छोटा सा ब्रेक लेकर वह एआई के क्षेत्र में अमेरिका के सामने आ रही बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए नए सिरे से काम शुरू करेंगे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेविड सैक्स की तारीफ की

श्रीराम कृष्णन ने एआई रेस में अमेरिका को शीर्ष पर बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व के बिना, हम आज एआई की वैश्विक दौड़ में आगे नहीं बढ़ रहे होते।" इसके साथ ही उन्होंने पिछले 18 महीनों के दौरान अपने सबसे करीबी सहयोगी डेविड सैक्स का भी विशेष धन्यवाद किया। कृष्णन ने कहा कि एआई क्षेत्र में अमेरिका की जीत सुनिश्चित करने के लिए डेविड सैक्स का निरंतर प्रयास और वकालत बेहद महत्वपूर्ण रही है।

18 महीनों के कार्यकाल की 4 बड़ी उपलब्धियां

अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा साझा करते हुए श्रीराम कृष्णन ने उन चार प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र किया, जिन पर उन्हें गर्व है। एआई के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अमेरिका की बढ़त सुनिश्चित करने के लिए 'अमेरिकन एआई एक्शन प्लान' का खाका तैयार करना और उसे लागू करना। अमेरिकी एआई उद्योग को वैश्विक स्तर पर विजेता बनाने के लिए रणनीतिक साझेदारियों की शुरुआत करना। एआई के लिए राष्ट्रीय नीति ढांचे पर एक कार्यकारी आदेश तैयार करना, जिसने अमेरिकी संसद के साथ मिलकर काम करने का आधार तैयार किया। फ्रांस और भारत में हुए एआई शिखर सम्मेलनों के साथ-साथ यूके, मिडिल ईस्ट आदि देशों के राजकीय दौरों पर अमेरिकी एआई तकनीकों की मजबूती से पैरवी करना।

व्हाइट हाउस ने की सराहना

द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने शनिवार को श्रीराम कृष्णन के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। देसाई ने कहा, "प्राइवेट सेक्टर में अपने बेहद सफल करियर को पीछे छोड़कर श्रीराम व्हाइट हाउस में आए। प्रौद्योगिकी और नवाचार में अमेरिकी प्रभुत्व को मजबूत करने के राष्ट्रपति ट्रम्प के संकल्प के लिए वह एक क्रिटिकल एसेट साबित हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस भविष्य में कृष्णन के नए उपक्रमों में भी उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक है।

क्या है अगली योजना

श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस के अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासन के उस 'AI एक्शन प्लान' को डिजाइन करने में मदद की, जिसने उभरती हुई तकनीकों पर लगे कड़े प्रतिबंधों और नियमों को आसान बनाने का काम किया। इसके अलावा, उन्होंने देश भर में डेटा सेंटरों के विस्तार का समर्थन करने वाला रोडमैप तैयार किया। वह राज्यों द्वारा एआई को मनमाने ढंग से नियंत्रित करने की क्षमता को सीमित करने वाले कार्यकारी आदेश को ड्राफ्ट करने वाली कोर टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने संकेत दिया है कि भविष्य में वह ऐसी संस्थाओं का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं जो ऊर्जा, डेटा सेंटर और आम अमेरिकियों तक एआई के लाभ पहुंचाने जैसे कठिन मुद्दों पर अमेरिका और उसके वैश्विक सहयोगियों की मदद कर सकें।

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