Shehbaz Sharif thanks Erdogan- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हर मोर्चे पर भारत के हाथों पिटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज खान फिर तुर्की पहुंचे। इस दौरान शहबाज ने तुर्की के राष्ट्रपति खलीफा रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात कर भारत के खिलाफ संघर्ष में मदद के लिए शुक्रिया जताया। खलीफा बनने पर तुले एर्दोगन की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ इस्तांबुल में मुलाकात हुई। यह बातचीत पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ने के कुछ ही सप्ताह बाद हुई है। बता दें कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया था। इसके बिफरे पाकिस्तान ने तुर्की के ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए भारतीय नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की थी, जिसे सेना ने पूरी तरह नाकाम कर दिया था।
शहबाज बोले- प्रिय भाई एर्दोगन से मिलने का सौभाग्य
एक्स पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने लिखा- आज शाम इस्तांबुल में अपने प्रिय भाई राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मिलने का सौभाग्य मिला। हाल ही में पाकिस्तान-भारत गतिरोध में पाकिस्तान को उनके दृढ़ समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हमने विशेष रूप से व्यापार और निवेश में अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों की चल रही प्रगति की भी समीक्षा की और भाईचारे और सहयोग के इन अटूट बंधनों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने के अपने संकल्प की फिर से पुष्टि की। पाकिस्तान-तुर्की दोस्ती अमर रहे।
तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना था, विशेष रूप से ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और रक्षा क्षेत्रों में। एर्दोगन ने खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी जैसे क्षेत्रों में तुर्की और पाकिस्तान के बीच गहन सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए। उनके कार्यालय ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शिक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और तकनीकी सहायता में एकजुटता बढ़ाना तुर्की और पाकिस्तान के हित में है।

शहबाज-एर्दोगन मुलाकात
एर्दोगन ने भी बताया शहबाज को प्यारा भाई
शरीफ की पोस्ट के जवाब में राष्ट्रपति एर्दोगन ने लिखा- हमने उनके साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, विशेष रूप से अर्थव्यवस्था, व्यापार और सुरक्षा पर। हमने हर क्षेत्र में तुर्की और पाकिस्तान के बीच गहरे ऐतिहासिक, मानवीय और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की अपनी इच्छा की पुष्टि की और उसे मजबूत किया। जैसा कि मेरे प्यारे भाई शहबाज ने कहा, हमने अपने देशों और लोगों के बीच अटूट संबंधों, सहयोग, एकजुटता और भाईचारे को और मजबूत किया है। मैं श्री शरीफ के माध्यम से अपने पाकिस्तानी भाइयों को अपना हार्दिक प्यार व्यक्त करता हूं।
तुर्की और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंध
यह बैठक तुर्की और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुई। तुर्की लगातार इस्लामाबाद का समर्थन करता रहा है। इस बार तुर्की को नई दिल्ली से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा, क्योंकि भारत-पाक संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, तुर्की के अधिकारियों ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को कोई हथियार नहीं भेजा गया।
