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क्या खत्म होने वाली है यूक्रेन में जंग? ट्रंप और पुतिन के बीच हो रही 'सीक्रेट बातचीत'! क्रेमलिन ने दिए बड़े संकेत

Russia Ukraine War: रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि मॉस्को और वाशिंगटन, रूस-यूक्रेन युद्ध पर गोपनीय माध्यम से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह संवाद बाइडन प्रशासन या ट्रंप और उनके आगामी प्रशासन के सदस्यों के साथ था।

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Vladimir Putin-Donald Trump

Photo : AP

Russia Ukraine War: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आते ही रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रही जंग की चर्चा फिर तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार यूक्रेन और रूस के बीच छिड़ी जंग को खत्म करने का संकल्प दोहराते रहे हैं। ऐसे में दुनिया की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि ट्रंप कैसे रूसी राष्ट्रपति पुतिन को इसके लिए सहमत कर पाएंगे। इस बीच क्रेमलिन ने बड़े संकेत दिए हैं।

क्रेमलिन ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों को सुनने के लिए तैयार हैं। हालांकि, ये प्रस्ताव समझौते के लिए आगे बढ़ने के विचार हों, न कि कीव शासन को सभी प्रकार की सहायता देने के संबंध में।

मॉस्को और वाशिंगटन के बीच सीक्रेट बातचीत

रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि मॉस्को और वाशिंगटन, रूस-यूक्रेन युद्ध पर गोपनीय माध्यम से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह संवाद बाइडन प्रशासन या ट्रंप और उनके आगामी प्रशासन के सदस्यों के साथ था। रयाबकोव ने शनिवार को रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ‘इंटरफैक्स’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि रूस, यूक्रेन पर ट्रंप के प्रस्तावों को सुनने के लिए तैयार है, बशर्ते कि ये समझौते के लिए आगे बढ़ने के विचार हों, न कि कीव शासन को सभी प्रकार की सहायता देने के संबंध में। हालांकि, इस बात को लेकर संदेह गहरा रहा है कि कीव नये अमेरिकी प्रशासन से क्या उम्मीद कर रहा है।

रूस ने यूक्रेन में तेज किए हवाई अभियान

इस बीच, रूस ने यूक्रेन में हवाई अभियान तेज कर दिए हैं। यूक्रेन के शहर ओडेसा में एक रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए। वहीं, यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, 10 यूक्रेनी क्षेत्रों में 32 रूसी ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि 18 खुद गिर गए, जो संभवतः इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम हो गए थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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