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'इतिहास का सबसे बड़ा मिसाइल अटैक करने को तैयार'; ईरान की इजरायल-अमेरिका को सबसे बड़ी धमकी, फिर शुरू होगी जंग

ईरान ने अपने सैन्य ढांचे को हाई अलर्ट पर रखा है और संभावित हमले की स्थिति में तत्काल जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार कर ली है। इससे पहले भी तेहरान कई बार कह चुका है कि वह किसी भी आक्रामक कदम का कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।

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ईरान ने दी अमेरिका इजरायल को खुली धमकी। (फोटो- AI)

पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका से किसी भी वार्ता से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं उसने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी तरह के हमले के संकेत मिलते हैं,तो वह इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सैन्य अड्डों पर इतिहास का सबसे बड़ा मिसाइल हमला करने के लिए तैयार है।

ईरान ने अपने सैन्य ढांचे को हाई अलर्ट पर रखा है और संभावित हमले की स्थिति में तत्काल जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार कर ली है। इससे पहले भी तेहरान कई बार कह चुका है कि वह किसी भी आक्रामक कदम का कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बताई क्या है योजना

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि दुश्मन देश की बुनियादी संरचना को निशाना बनाकर और नाकेबंदी लागू कर जनता में असंतोष पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे हालात नहीं बनने देने चाहिए जिससे लोगों में नाराजगी बढ़े।

उन्होंने देश भर के प्रांतीय राज्यपालों से कहा कि हमने राज्यपालों को पूर्ण अधिकार दिए हैं और प्रबंधन के मामले में उनके पास राष्ट्रपति के समान शक्तियां हैं।

ईरान ने वार्ता से किया इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता फिलहाल फेल हो गई है। एक तरफ ईरान और अमेरिका बातचीत के लिए पाकिस्तान में सीजफायर के मुद्दे का हल निकालने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है,वहीं दूसरी तरफ दोनों देश जहाजों को सीज करने का काम कर रहे हैं। अमेरिका ने कहा कि होर्मुज में ब्लॉकेड जारी रहेगा। ईरान भी जिद पर अड़ा हुआ है कि जब तक अमेरिकी सेना का ब्लॉकेड रहेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। इसकी वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

'टैंकर का ट्रांजिट नहीं'

होर्मुज बंद होने की वजह से तेल से भरे टैंकर का ट्रांजिट नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से दुनिया के अन्य देशों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय संगठन का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट ज्यादा दिनों तक बंद रहा तो इसका सीधा असर कुछ ही समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा। यही कारण है कि दुनिया के अन्य देश भी अमेरिका और ईरान के बीच जल्द सुलह कराने और स्थायी सीजफायर का समर्थन कर रहे हैं।

अब अराघची जाएंगे ओमान और रूस

ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान के बाद ओमान और रूस के दौरे पर 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों को लेकर अपना पक्ष रखेंगे। वह ओमान और रूस को बताएंगे कि इस हमले की वजह से ईरान को कितना भारी नुकसान हुआ है और किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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