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प्रचंड का कमाल! 275 सदस्यीय संसद में मात्र 32 सीटें जीतकर भी पुष्प कमल दहल बने नेपाल के नए प्रधानमंत्री, जानिए कैसे

  • Written by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 25, 2022, 08:45 PM IST

माओवादी सेंटर (Maoist Center) के नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड (Pushpa Kamal Dahal Prachanda) को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाल का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। छह दलों के गठबंधन की सरकार को नेतृत्व करेंगे। पुष्प कमल दहल की पार्टी नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) को संसद की कुल 275 सीटों मे से मात्र 32 सीटों पर जीत मिली है।

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पुष्प कमल दहल प्रचंड नेपाल के नए प्रधानमंत्री नियुक्त

Photo : Twitter

काठमांडू : नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने रविवार को माओवादी सेंटर (Maoist Center) के नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड (Pushpa Kamal Dahal Prachanda) को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया। नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ने यह जानकारी दी। नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के पुष्पा कमल दहल कल शाम 4 बजे (स्थानीय समयानुसार) नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। नई सरकार बनाने के लिए संसद के 169 सदस्यों का समर्थन हासिल करने के बाद दहल को तीसरी बार पीएम नियुक्त किया गया। गौर करने वाली बात है कि प्रचंड की पार्टी नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) को संसद की कुल 275 सीटों में से मात्र 32 सीटों पर जीत मिली है।

6 दलों के गठबंधन का नेतृत्व करेंगे प्रचंड

इससे पहले आज, छह दलों के गठबंधन द्वारा अगली सरकार बनाने के लिए उन्हें समर्थन देने का फैसला करने के तुरंत बाद प्रचंड ने राष्ट्रपति के साथ नेपाल के प्रधानमंत्री पद का दावा करते हुए एक आवेदन दिया। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के नेता बर्शमन पुन ने कहा कि 6 दलों के गठबंधन ने पुष्प कमल दहल को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने का फैसला किया है। एक समझौता किया गया है जिसके तहत दहल ढाई साल तक सरकार का नेतृत्व करेंगे और सीपीएन-यूएमएल शेष ढाई साल सत्ता में रहेगा।

प्रचंड को संसद के कुल 275 सदस्यों में 169 सदस्यों का समर्थन प्राप्त

नए गठबंधन में CPN-UML के 78, माओवादी सेंटर के 32, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 20, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के 14, जनता समाज पार्टी के 12, जनमत पार्टी के 6, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के 4 सांसद और 3 निर्दलीय एमपी प्रचंड के समर्थन में हैं। पुष्प कमल दहल को अब संसद के कुल 275 सदस्यों में 169 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। जबकि विपक्ष में नेपाली कांग्रेस को 89 सांसद और निर्दलीय 17 सांसद रहेंगे।

पुष्प कमल दहल प्रचंड तीसरी बार बने नेपाल के पीएम

दहल को नोम डे गुएरे प्रचंड (Nom de guerre Prachanda) के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है 'प्रखर (fierce)' उन्होंने 2008 से 2009 तक और फिर 2016 से 2017 तक नेपाल के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।

इससे पहले रविवार को नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम चंद्र पौडेल ने कहा कि माओवादी सेंटर ने सत्तारूढ़ गठबंधन को छोड़ने का फैसला किया है। एएनआई से फोन पर माओवादी सेंटर के फैसले की पुष्टि करते हुए पौडेल ने कहा कि पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड रविवार को यह कहकर गठबंधन की बैठक से चले गए कि गठबंधन अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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