नीदरलैंड के हेग में आयोजित सीईओ राउंडटेबल बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डच कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का खुला निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि आज का भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि स्केल, स्टेबिलिटी और स्पीड का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने डच उद्योगपतियों से कहा कि वे भारत में डिजाइन, इनोवेट और मैन्युफैक्चर करें क्योंकि इसके लिए इससे बेहतर समय कभी नहीं रहा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई ऊंचाई देने की बात कही और कहा कि दोनों देश अब अपनी ट्रस्टेड पार्टनरशिप को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में बदलने जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि आने वाले समय में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, टेक्नोलॉजी, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, कृषि और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ेगा।
‘300 से ज्यादा डच कंपनियां इंडिया स्टोरी का हिस्सा’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 300 से अधिक डच कंपनियां 'इंडिया स्टोरी' का हिस्सा हैं। यही विश्वास भारत को यूरोप में नीदरलैंड का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य और दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बनाता है।
उन्होंने कहा कि डच कंपनियां सिर्फ भारत में कारोबार नहीं कर रहीं,बल्कि वे भारत-नीदरलैंड दोस्ती की “ब्रांड एम्बेसडर” भी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने कई बड़ी कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि हमें बहुत खुशी है कि एनएक्स की फिलिप्स और प्रोसेस भारत की टैलेंट के साथ वर्ल्ड रीडिंग सॉल्यूशन बना रही है। Royal HaskoningDHV और PAK जैसे कंपनी भारत के पोर्ट शिपिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को ट्रांसफॉर्म कर रहे हैं। कई डच कंपनियां भारत के साथ मिलकर एग्रीकल्चर और सस्टेनेबिलिटी सेक्टर में काम कर रही हैं ताकि दुनिया के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सके।
अब भारत में बनेंगी सेमीकंडक्टर चिप-PM मोदी
प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए ASML और Tata Electronics के बीच एमओयू को भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब ASML की अत्याधुनिक मशीनों की मदद से भारत में सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण होगा। यह समझौता गुजरात के धोलेरा में बन रहे सेमीकंडक्टर फैब प्रोजेक्ट को मजबूती देगा और भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देगा।‘आज का भारत स्केल और स्टेबिलिटी का प्रतीक’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल भी भारत के पास है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी की स्पीड में दुनिया का कोई देश भारत की बराबरी नहीं कर सकता। इसी कारण आज वैश्विक विकास में भारत 17 प्रतिशत योगदान दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में लगातार 12 वर्षों तक स्थिर सरकार चलाना भी भारत की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में लगातार सुधारों के जरिए भारत ने अपना इकोनॉमिक डीएनए बदल दिया है।
प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले गए नए क्षेत्र - PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने निजी कंपनियों के लिए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से स्पेस, माइनिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों को भी खोल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कंप्लायंस कम कर रही है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ा रही है। भारत में टैक्सेशन और लेबर कोड में सुधार हो रहा है और सरकार गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी बना रही है।
मोदी ने कहा कि अब भारत में मैन्युफैक्चरिंग काफी “कॉस्ट इफेक्टिव” हो चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर, जो कभी भारत का बड़ा आयात क्षेत्र था, अब तेजी से देश का प्रमुख निर्यात क्षेत्र बनता जा रहा है। उन्होंने डच कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आप सभी को भारत में डिजाइन और इनोवेट करने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके लिए आज से बेहतर समय कोई नहीं हो सकता।
भारत-EU FTA को बताया ‘नए गोल्डन एरा’ की शुरुआत
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और जिम्मेदार शक्तियों के बीच समृद्धि की मजबूत नींव बनेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में डच कंपनियां भारत में अपना निवेश, कारोबार और महत्वाकांक्षा और अधिक बढ़ाएंगी तथा उनके साथ पूरा यूरोपियन इनोवेशन इकोसिस्टम भी भारत की ओर आएगा।
