India Vs Pakistan: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान जंग से बचने के लिए एक के बाद एक देशों से गुहार लगा रहा है, खासकर उन देशों से जिन्हें भारत का दोस्त माना जाता है। पाकिस्तान ने अब भारत के खास दोस्त रूस से गुहार लगाई है कि वो भारत को समझाए, वो हमला न करे।
क्या बोले पाकिस्तानी राजदूत
मॉस्को में पाकिस्तान के राजदूत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने में रूस की मदद मांगी है। एक साक्षात्कार में राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने कहा कि रूस की भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी है और पाकिस्तान के साथ भी उसके बहुत अच्छे संबंध हैं, ऐसे में वह 1966 के ताशकंद समझौते की तरह मध्यस्थता के लिए अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल कर सकता है। ताशकंद में तत्कालीन सोवियत संघ के प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने में मदद की थी। यह साक्षात्कार बाद में समाचार एजेंसी ‘टीएएसएस’ ने प्रकाशित किया।
रूस का आग्रह
इससे पहले, शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दोनों पक्षों से 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र की भावना के अनुरूप पहलगाम हमले के बाद तनाव कम करने का आग्रह किया था, जिसमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना द्विपक्षीय रूप से मुद्दों को हल करने का प्रावधान है।
जंग की तैयारी
वहीं भारत ऐलान कर चुका है कि वो पहलगाम आतंकी हमले का बदला जरूर लेगा। इसके लिए तैयारियां भी जारी हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में फिरोजपुर छावनी बोर्ड ने रविवार शाम 30 मिनट का ‘ब्लैकआउट’ अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि ‘ब्लैकआउट’ अभ्यास रात नौ बजे से साढ़े नौ बजे तक छावनी क्षेत्र में किया गया। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे सायरन बजने के बाद इलाके की सभी लाइट बंद कर दी गईं।
