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ईरान में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक की सामने आई डिटेल, कोड नेम - 'मार्ग बार सरमाचर', किलर ड्रोन से बरसाई आग

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 18, 2024, 08:27 PM IST

Iran Pakistan Airstrike: पाकिस्तानी सेना ने बताया कि एक खुफिया जानकारी पर आधारित इस ऑपरेशन का कोड नाम "मार्ग बार सरमाचर" था। पाकिस्तानी सेना के बयान में कहा गया कि हत्यारे ड्रोन, रॉकेट, घूमती हुई गोला-बारूद और स्टैंड-ऑफ हथियारों का उपयोग करके सटीक हमले किए गए।

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Iran Pakistan Airstrike

Photo : AP

Iran Pakistan Airstrike: ईरान में पाकिस्तान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक की डिटेल सामने आई है। गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने ईरान में आतंकवादियों के खिलाफ हमलों का ब्‍योरा साझा करते हुए कहा कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया।

पाकिस्तानी सेना ने बताया कि एक खुफिया जानकारी पर आधारित इस ऑपरेशन का कोड नाम "मार्ग बार सरमाचर" था। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि गुरुवार के शुरुआती घंटों में पाकिस्तान ने ईरान के अंदर उन ठिकानों पर प्रभावी हमले किए, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान में हाल के हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों द्वारा किया गया था।

एयर स्ट्राइक इन हथियारों का हुआ इस्तेमाल

पाकिस्तानी सेना के बयान में कहा गया कि हत्यारे ड्रोन, रॉकेट, घूमती हुई गोला-बारूद और स्टैंड-ऑफ हथियारों का उपयोग करके सटीक हमले किए गए। संपार्श्विक क्षति से बचने के लिए अधिकतम सावधानी बरती गई। सेना की मीडिया विंग ने कहा कि लक्षित ठिकानों का इस्तेमाल दोस्त उर्फ चेयरमैन, बज्जर उर्फ सोघाट, साहिल उर्फ शफक, असगर उर्फ बाशम और वजीर उर्फ वजी सहित कुख्यात आतंकवादियों द्वारा किया जा रहा था। बयान में कहा गया, आतंकवादी कृत्यों के खिलाफ पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान सशस्त्र बल लगातार तत्परता की स्थिति में हैं।

पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान का संकल्प अटल

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आईएसपीआर ने कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और किसी भी दुस्साहस से सुरक्षा सुनिश्चित करने का सशस्त्र बलों का संकल्प अटल है। इसमें कहा गया, हम पाकिस्तान के लोगों के समर्थन से पाकिस्तान के सभी दुश्मनों को हराने के अपने दृढ़ संकल्प की पुष्टि करते हैं। सेना की मीडिया शाखा ने भी दो पड़ोसी भाईचारे देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

ईरान की एयरस्ट्राइक का दिया जवाब

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आईएसपीआर का बयान विदेश कार्यालय द्वारा पुष्टि किए जाने के कुछ घंटों बाद आया है कि ईरान द्वारा देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने और बलूचिस्तान में हमले के बाद पाकिस्तान ने ईरानी सीमा के अंदर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और तीन लड़कियां घायल हो गईं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, आज सुबह, पाकिस्तान ने ईरान के सिएस्तान-ओ-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ अत्यधिक समन्वित और विशेष रूप से लक्षित सटीक सैन्य हमलों की एक श्रृंखला शुरू की।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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