क्या है अमेरिका का 'ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल', जिसमें पकड़े गए हैं कई भारतीय, 30 अरेस्ट
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Dec 24, 2025, 11:04 AM IST
अमेरिका के कैलिफोर्निया में सीमा सुरक्षा एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 भारतीयों सहित 49 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया, जो सेमी-ट्रक व्यावसायिक लाइसेंस के साथ चला रहे थे। यह कार्रवाई इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स और “ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल” के तहत हुई है।
अमेरिका में 30 भारतीय गिरफ्तार (फाइल फोटो- AP)
अमेरिका की सीमा सुरक्षा एजेंसी ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई में 30 भारतीय नागरिकों सहित दर्जनों ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे और भारी भरकम ट्रकों (सेमी-ट्रक) को व्यावसायिक लाइसेंस के साथ चला रहे थे। यह कार्रवाई कैलिफोर्निया के एल सेंट्रो सेक्टर में की गई, जहां इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स और इंटर-एजेंसी ऑपरेशंस के दौरान 49 ऐसे लोगों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार लोगों में कई देश के नागरिक शामिल
अधिकारियों के अनुसार, 23 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच 42 लोग सेमीट्रक चलाते हुए पकड़े गए। इनमें से 30 भारतीय थे, जबकि बाकी लोग चीन, रूस, मैक्सिको, तुर्की, यूक्रेन, सोमालिया, एल साल्वाडोर और अन्य देशों से संबंधित थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन लाइसेंस पर ये वाहन चलाए जा रहे थे, उनमें से बड़ी संख्या कैलिफोर्निया द्वारा जारी किए गए थे।
“ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल”
इसके बाद “ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल” नामक एक संयुक्त अभियान भी चलाया गया, जिसका फोकस उन ट्रकिंग कंपनियों पर था जहां अवैध प्रवासियों को व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस के साथ नियुक्त किया गया था। इस दो दिन की बड़ी कार्रवाई में 45 और लोगों को पकड़ा गया, जिनमें कई भारतीय शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां अवैध रूप से रह रहे और बिना वैध नागरिकता वाले ड्राइवर गंभीर सड़क हादसों में शामिल पाए गए। कई मामलों में लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ हादसों ने परिवारों को जीवनभर का दर्द दिया। इसी पृष्ठभूमि में यह विशेष अभियान शुरू किया गया, ताकि अमेरिकी हाईवे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अमेरिका की सख्ती
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि जिन राज्यों ने व्यावसायिक ट्रक चलाने के लाइसेंस जारी किए, वे भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि बिना पूर्ण सत्यापन के ऐसे व्यक्तियों को हाईवे पर भारी वाहन सौंपना जनता की जान जोखिम में डालना है।