निखिल गुप्ता ने कबूला खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप, कोर्ट से मिली 24 साल की सजा
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Feb 14, 2026, 06:51 AM IST
निखिल की इस सजा पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कहा है कि यह केस अमेरिकी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विदेशी नागरिकों से उत्पन्न होने वाले खतरों से देश की सुरक्षा करने में जांच एजेंसी पूरी तरह तत्पर है। X पर एफबीआई ने कहा कि निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क सिटी में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का बात कबूल ली।
खालिस्तानी आतंकवादी है गुरपतवंत सिंह पन्नू।
Nikhil Gupta : न्यूयॉर्क में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने वाले भारतीय मूल के आरोपी निखिल गुप्ता को शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को दोषी ठहराया गया। गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। निखिल की इस सजा पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कहा है कि यह केस अमेरिकी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विदेशी नागरिकों से उत्पन्न होने वाले खतरों से देश की सुरक्षा करने में जांच एजेंसी पूरी तरह तत्पर है। सोशल मीडिया अकाउंट X पर एफबीआई ने कहा कि 'एफबीआई न्यूयॉर्क एवं यूएस अटार्नी एसडीएनवाई की जांच के बाद निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क सिटी में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का बात कबूल ली।'
तीन मामलों में अपना गुनाह कबूल किया
न्यूयॉर्क के दक्षिणी डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के एक बयान में कहा गया कि 'निखिल गुप्ता, उर्फ 'निक', भारतीय नागरिक ने अभियोजन पक्ष के आरोपों में से तीन मामलों में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन पर न्यूयॉर्क शहर में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की कोशिशों के सिलसिले में भाड़े पर हत्या, भाड़े पर हत्या करने की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने का आरोप है। गुप्ता ने आज अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया और उन्हें 29 मई, 2026 को अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज विक्टर मारेरो द्वारा सजा सुनाई जानी है।'
FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन का बयान
FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोजहाव्स्की ने कहा, 'निखिल गुप्ता एक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ भाड़े पर हत्या की साजिश में एक मुख्य हिस्सा था, एक ऐसी हत्या जिसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई की वजह से रोका गया था।' उन्होंने कहा कि FBI का संदेश स्पष्ट होना चाहिए कि आप कहीं भी हों, अगर आप हमारे नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, तो हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक आपको सजा नहीं मिल जाती।'
वह अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं-MEA
इससे पहले, 17 अक्टूबर, 2024 को, विदेश मंत्रालय ने पुष्टि करते हुए कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू के खिलाफ नाकाम हत्या की साजिश में US जस्टिस डिपार्टमेंट के आरोप-पत्र में जिस व्यक्ति का नाम था, वह अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।
