Israel Lebanon Conflict: पश्चिम एशिया में शांति की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Netanyahu) ने एक बड़ा और कड़ा बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात जारी हुए एक वीडियो संदेश के जरिए देश को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने साफ किया कि लेबनान में फिलहाल किसी भी तरह का युद्धविराम लागू नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इजरायली वायुसेना और थल सेना हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अपनी पूरी ताकत के साथ प्रहार जारी रखेगी। नेतन्याहू का यह रुख उन अटकलों के बीच आया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि ईरान के साथ हुए समझौते के तहत लेबनान में भी शांति बहाल की जा सकती है।
क्या बोले नेतन्याहू
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तरी इजरायल के निवासियों की अटूट सहनशक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों का प्राथमिक उद्देश्य इन नागरिकों की सुरक्षा को बहाल करना है, जो पिछले कई महीनों से हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों का सामना कर रहे हैं। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में संदेश दिया कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले इजरायली परिवार पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तब तक इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
शांति की कूटनीतिक पहल और इजरायल की दो बड़ी शर्तें
आक्रामक सैन्य रुख के बावजूद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कूटनीति का रास्ता भी खुला रखा है। उन्होंने घोषणा की कि इजरायल ने लेबनान की सरकार के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के लिए अपनी कैबिनेट को अधिकृत कर दिया है। यह कदम लेबनान सरकार की ओर से शांति वार्ता के लिए किए गए बार-बार के अनुरोधों के बाद उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, यह द्विपक्षीय वार्ता अगले सप्ताह वाशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश विभाग में शुरू हो सकती है, जो क्षेत्र के भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
हालांकि, इस बातचीत के लिए इजरायल ने दो बेहद कड़ी शर्तें रखी हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि पहली प्राथमिकता ईरान समर्थित हिजबुल्लाह लड़ाकों का पूरी तरह हथियार डलवाना है। इजरायल चाहता है कि हिजबुल्लाह एक सैन्य इकाई के रूप में खत्म हो जाए ताकि भविष्य के खतरों को टाला जा सके। दूसरी शर्त लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक और स्थायी शांति समझौता करना है। नेतन्याहू का मानना है कि यदि लेबनान की सरकार हिजबुल्लाह पर नियंत्रण पाने में सफल रहती है, तो दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों का एक नया और स्थिर अध्याय शुरू हो सकता है।
