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मालदीव: मुइज्जू ने हासिल की बड़ी जीत, चुनावों में मिला भारी बहुमत, चीन नीति को दिया जनता ने समर्थन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 22, 2024, 09:24 AM IST

मुइज्जू की पार्टी की भारी जीत का मतलब है कि लोग किसी अन्य क्षेत्रीय शक्ति भारत के बजाय चीन की ओर राष्ट्रपति के राजनीतिक झुकाव का समर्थन कर रहे हैं।

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मुइज्जु की पार्टी की भारी जीत

Mohamed Muizzu Party Wins: भारत से तनाव के बीच मालदीव के चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने संसदीय चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीत हासिल कर ली है। रविवार को घोषित चुनाव परिणामों से मुइज्जू की पार्टी को प्रचंड जीत मिली। देश के चुनाव आयोग ने कहा कि 93 सदस्यीय सदन के लिए हुए चुनावों में मुइज्जू की पार्टी ने घोषित 86 सीटों में से 66 सीटें हासिल कीं।

मुइज्जू की नीति पर लगी मुहर

बाकी सात सीटों के नतीजे अभी घोषित नहीं हुए हैं, मुइज्जू की पीएनसी के पास बहुमत के 47 सीटों से 19 सीटें अधिक हैं। मुइज्जू की पार्टी की भारी जीत का मतलब है कि लोग किसी अन्य क्षेत्रीय शक्ति भारत के बजाय चीन की ओर राष्ट्रपति के राजनीतिक झुकाव का समर्थन कर रहे हैं।

चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव से कुछ ही दिन पहले, विपक्षी दलों ने 2018 से उनके कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट लीक होने के बाद राष्ट्रपति के खिलाफ जांच और महाभियोग चलाये जाने की मांग की। हालांकि मुइज्जू ने इस आरोप को खारिज कर दिया। इसके अलावा, जब से मुइज्जू ने पद संभाला है, सांसदों ने उनके तीन नामितों को कैबिनेट में शामिल करने पर रोक लगा दी है।

मतदाताओं से की अपील

मुइज्जू ने सुबह 8:40 बजे थाजुद्दीन स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने प्रत्येक नागरिक से मतदान के अपने अधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतदान के दौरान कोई बड़ा मुद्दा या शिकायत सामने नहीं आई। मालदीव हिंद महासागर में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जगह पर स्थित है। मुइज्जू ने चीन समर्थक रुख अपनाया और देश के एक द्वीप पर तैनात भारतीय सैनिकों को हटाने का काम किया।

मुइज्जू ने "इंडिया फर्स्ट" नीति को बदला

पिछले सितंबर में पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की जगह चुने गए राष्ट्रपति मुइज्जू को लेकर भारी विवाद हुआ था। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को खतरे में डालते हुए देश की "इंडिया फर्स्ट" नीति को खत्म करने का वादा किया था। वहीं, एक अन्य चीन समर्थक नेता अब्दुल्ला यामीन को पिछले सप्ताह एक अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी 11 साल की सजा रद्द करने के बाद रिहा कर दिया गया था।

विपक्ष को मिली सिर्फ एक दर्जन सीटें

राष्ट्रपति मुइज्जू ने माले में अपना वोट डालने के बाद कहा, सभी नागरिकों को जल्द से जल्द बाहर आना चाहिए और अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। रविवार के मतदान से मुइज्जू के राष्ट्रपति पद पर कोई असर नहीं पड़ा। इस बीच, मुख्य विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) को भारी हार का सामना करना पड़ा और उसकी झोली में केवल एक दर्जन सीटें आईं।

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