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अमेरिका के मैसाचुसेट्स में गिरा उल्कापिंड, कनाडा तक दिखा आसमानी विस्फोट; जानें कितना विशाल था यह 'मेटयोर'

Meteor Blast In US: अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के न्यू इंग्लैंड में उल्कापिंड गिरने से जोरदार धमाका हुआ। 'अमेरिकन मीटियर सोसाइटी' के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह लगभग 3 फीट (1 मीटर) चौड़ा एक छोटा उल्कापिंड था। दिन का उजाला होने के कारण आसमान में कोई आग का गोला (Fireball) साफ नजर नहीं आया, लेकिन इसके शॉकवेव बेहद शक्तिशाली थे।

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अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में उल्कापिंड गिरने से जोरदार धमाका हुआ। AP/ AI IMAGE

Meteor Blast In US: अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के न्यू इंग्लैंड में उल्कापिंड गिरने से जोरदार धमाका हुआ। धमाके से मैसाचुसेट्स, न्यू हैम्पशायर और रोड आइलैंड जैसे राज्यों में इमारतों और घरों में कंपन महसूस किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों और पुलिस एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

शनिवार (30 मई) दोपहर को अचानक पूरे न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में एक के बाद एक दो बेहद तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। बोस्टन और उसके आसपास के दर्जनों मील दूर तक के इलाकों में लोगों ने इस आवाज को सुना। अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी के कार्यक्रम पर्यवेक्षक रॉबर्ट लंसफोर्ड ने कहा कि उल्कापिंड को अमेरिका के डेलावेयर से लेकर कनाडा के मॉन्ट्रियल आसमान तक देखा गया। आसमान में तेज गड़गड़ाहट के साथ जमीन पर गिरा।

नासा के प्रवक्ता अलार्ड ब्यूटल ने बताया कि उल्कापिंड लगभग 75,000 मील प्रति घंटे (120,700 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा था। जमीन से लगभग 40 मील (60 किलोमीटर) ऊपर टूट गया। एजेंसी का अनुमान है कि इसके टूटने पर निकली ऊर्जा लगभग 300 टन टीएनटी के बराबर थी, जिससे धमाके हुए।

खगोलविदों ने शुरू की जांच

एक्स (पहले ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि उनके घरों की खिड़कियां और पूरी इमारतें हिल गईं। कई लोगों को शुरुआत में लगा कि शायद उनके घर पर कोई बड़ा पेड़ गिर गया है या कोई विस्फोट हुआ है।

इस घटना के तुरंत बाद अमेरिकी मौसम विभाग और खगोलविदों ने जांच शुरू की। 'अमेरिकन मीटियर सोसाइटी' ने पुष्टि की कि यह धमाका किसी कृत्रिम विस्फोट या दुर्घटना के कारण नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से आए एक उल्कापिंड के कारण हुआ था।

कितना बड़ा था उल्कापिंड?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह लगभग 3 फीट (1 मीटर) चौड़ा एक छोटा उल्कापिंड था, जो बोस्टन के उत्तर में मैसाचुसेट्स और न्यू हैम्पशायर की सीमा के पास पृथ्वी के वायुमंडल में बेहद तेज गति से दाखिल हुआ।

जब कोई उल्कापिंड साउंड की रफ्तार से भी तेज गति से वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो हवा के भारी दबाव के कारण 'सोनिक बूम' (धमाका) पैदा होता है। दिन का उजाला होने के कारण आसमान में कोई तेज रोशनी या आग का गोला आम लोगों को साफ दिखाई नहीं दिया, लेकिन इसकी आवाज और शॉकवेव बेहद शक्तिशाली थी।

सैटेलाइट और रडार डेटा में दर्ज हुई घटना

WBZ-TV के मुख्य मौसम वैज्ञानिक एरिक फिशर ने बताया कि इस घटना को मौसम उपग्रहों ने भी रिकॉर्ड किया है। उन्होंने कहा, "हमारे लाइटनिंग मैपर और सैटेलाइट डेटा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि यह उल्कापिंड बोस्टन के बेहद करीब वायुमंडल में किस जगह पर दाखिल हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी।"

धमाके और जमीन में हल्के कंपन की खबरों के बाद मैसाचुसेट्स के सार्वजनिक सुरक्षा और सुरक्षा कार्यकारी कार्यालय ने तुरंत मामले की जांच की। एजेंसियों ने बाद में स्पष्ट किया कि इस घटना से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति या नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना थी और इससे जनता की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।

अक्सर अंतरिक्ष के मलबे या छोटे उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाते हैं, लेकिन आबादी वाले क्षेत्र के इतने करीब और दिन के समय इस तरह का शक्तिशाली सोनिक बूम महसूस होना एक दुर्लभ और रोमांचक घटना मानी जा रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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