Justin Trudeau : कनाडा के निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि वह अगला संघीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। यह चुनाव अक्टूबर में होना है। हालांकि, इसे पहले भी कराए जाने की चर्चा है। पीएम पद छोड़ने की घोषणा कर चुके ट्रूडो का चुनाव न लड़ने का फैसला चौंकाने वाला है। चर्चाएं यह भी हैं कि वह राजनीति से संन्यास ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो ट्रूडो के राजनीतिक जीवन का यह अंत होगा। ट्रूडो बीते 10 साल से कनाडा के पीएम हैं। एक दशक पहले जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा था, तो एक युवा एवं ऊर्जावान नेता के रूप में उनकी काफी प्रशंसा हुई।
'राजनीति छोड़ने के बाद क्या करूंगा कुछ कह नहीं सकता'
कनाडा के ग्लोबल न्यूज के मुताबिक ट्रूडो ने कहा, 'मैंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।' ट्रूडो ने यह भी कहा कि राजनीति छोड़ने के बाद वह क्या करेंगे, इस बारे में सोचने के लिए भी उनके पास पर्याप्त समय नहीं है। एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रूडो ने कहा कि 'बाद में मैं क्या करूंगा, ईमानदारी से कहूं तो इस बारे में सोचने के लिए मेरे पास समय नहीं है। अभी मैं वही कर रहा हूं जिस काम को करने की जिम्मेदारी कनाडा के लोगों ने मुझे सौंपी है।'
चुनाव तक सांसद बने रहेंगे ट्रूडो
ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की धमकी से कैसे निपटना है, इस बारे में ट्रूडो ने अमेरिका में तैनात कनाडा के राजदूत और कैबिनेट के कुछ मंत्रियों से मुलाकात की। ट्रूडो ने पीएम पद से हटने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लिबरल पार्टी जब नए पीएम का चुनाव कर लेगी तो वह पद से हट जाएंगे। पीएम पद से हटने के बाद चुनाव होने तक ट्रूडो सांसद बने रहेंगे।
देश में लगातार कम हो रही है ट्रूडो की लोकप्रियता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कमजोर होती छवि और देश में अपनी घटती लोकप्रियता को देखते हुए ट्रूडो ने पीएम पद छोड़ने का फैसला किया है। खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में भारत सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाले ट्रडो पर लगातार सवाल उठ रहे थे। टैरिफ को लेकर ट्रंप ने भी कनाडा पर अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। यह सब देखते हुए ट्रूडो ने पीएम पद छोड़ना ही सही समझा।
