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अमेरिकी राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर हुए जो बाइडन, चिट्ठी लिखकर खुद किया ऐलान

US presidential election 2024: जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने चिट्ठी लिखकर खुद इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि आपका राष्ट्रपति बनना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है, लेकिन यह देश और पार्टी के हित में है कि मैं राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर हो जाऊं।

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जो बाइडन नहीं लड़ेंगे अमेरिका का चुनाव।

Photo : BCCL

US Presidential election 2024: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। जो बाइडन राष्ट्रपति चुनाव पद की रेस से बाहर हो गए हैं। वह इस बार राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है। उन्होंने खुद इसका ऐलान किया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका के लोगों के नाम चिट्ठी लिखकर इस बात की घोषणा की है।

जो बाइडन ने अमेरिका वासियों के नाम लिखी चिट्ठी में कहा है कि आपका राष्ट्रपति बनाना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। मेरा मानना है कि यह पार्टी और देश के सर्वोत्तम हित में है कि मैं पद छोड़ दूं और अपने कार्यकाल के शेष समय में राष्ट्रपति के रूप में अपने कर्तव्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस सप्ताह के अंत में राष्ट्र से अपने निर्णय के बारे में अधिक विस्तार से बात करूंगा।

ऐसा कुछ भी नहीं जो अमेरिका नहीं कर सकता

जो बाइडन ने अपनी चिट्ठी में कहा, पिछले साढ़े तीन वर्षों में हमने एक राष्ट्र के रूप में बहुत प्रगति की है। आज अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था है। मुझे पता है कि यह सब आप अमेरिकी लोगों के बिना नहीं किया जा सकता था। हमने कोरोना महामारी और महामंदी के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट पर काबू पाया। हमने अपने लोकतंत्र की रक्षा और संरक्षण किया है और दुनिया भर में अपने गठबंधनों को पुनर्जीवित और मजबूत किया है। अभी के लिए मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे फिर से निर्वाचित होते देखने के लिए इतनी मेहनत की है। मैं आज भी वही मानता हूं जो मैं हमेशा मानता हूं कि ऐसा कुछ भी नहीं है जो अमेरिका नहीं कर सकता।

बाइडन के चुनाव न लड़ने की थी अटकलें

बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के बीच कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर हो सकते हैं। कुछ दिन पहले एक लाइव टीवी डिबेट में राष्ट्रपति बाइडन, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पिछड़ते हुए दिखे थे। उनका प्रदर्शन खासा खराब रहा था। इसके बाद से अमेरिका का एक तबका बाइडन से राष्ट्रपति चुनाव के रेस से बाहर होने की मांग कर रहा था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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