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लेबनान से पूरी तरह नहीं निकलेगा इजराइल, समझौते के बाद भी 5 स्थानों पर तैनात रखेगा अपनी सेना

इजराइल ने लेबनान से पूरी तरह से निकलने से इनकार कर दिया है। समझौते के तहत इजराइल को लेबनान से अपनी सेना को हटाना था, लेकिन अब इजराइल का कहना है कि वो पांच स्थानों पर अपनी सेना को रखेगा।

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लेबनान से पूरी तरह नहीं निकलेगा इजराइल (फाइल फोटो)

Photo : AP

इजराइल ने साफ कर दिया है वो लेबनान से पूरी तरह से नहीं से निकलेगा, वो लेबनान के अंदर 5 स्थानों पर बना रहेगा। आज इजराइल के सैनिकों को लेबनान छोड़ना था, दोनों देशों के बीच समझौतो हो चुका है। पहले कहा जा रहा था कि इजराइल अपने सभी सैनिकों को वापस ले आएगा, लेकिन अब उसने ऐसा करने से मना कर दिया है।

लेबनान ने जताया विरोध

इजराइल के सैनिक दक्षिणी लेबनान में पांच रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे। इजराइल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। लेबनान की सरकार ने संघर्ष विराम समझौते के तहत इजराइली सैनिकों की वापसी में किसी भी तरह की देरी का विरोध किया है। लेबनान की सरकार और हिजबुल्लाह वापसी में किसी भी तरह की देरी का विरोध कर रहे हैं, जिसे पहले ही तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया था। गाजा में एक अलग युद्ध विराम भी संदेह में है, क्योंकि इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका इस बात पर परस्पर विरोधी संकेत दे रहे हैं कि वे इसे जारी रखना चाहते हैं या नहीं।

इजराइल ने क्या कहा

सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा कि ये पांच स्थान सुविधाजनक स्थान हैं या उत्तरी इजराइल में समुदायों के सामने स्थित हैं। उन्होंने कहा कि युद्धविराम की निगरानी करने वाली अमेरिकी नेतृत्व वाली संस्था ने “अस्थायी उपाय” को मंजूरी दी है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इजराइल “सही तरीके से, क्रमिक तरीके से और इस तरह से वापसी करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा बनी रहे।”

समझौते में क्या-क्या

समझौते के तहत, इजरायली सेना को दक्षिणी लेबनान के बफर जोन से हटना है, जिस पर लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों द्वारा गश्त की जाएगी। नवंबर के अंत में युद्ध विराम लागू होने के बाद से ही यह युद्ध विराम लागू है, जबकि इजरायल और लेबनान ने एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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