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21 महीने बाद खुलेगी गाजा की ‘लाइफलाइन’: रफाह क्रॉसिंग से सीमित आवाजाही की होगी अनुमति, ये देश करेंगे निगरानी

इजराइल लंबे समय से रफाह क्रॉसिंग को स्थायी रूप से फिर से खोलने का विरोध करता रहा है। लेकिन बीते सोमवार को गाजा में अंतिम बंधक के अवशेषों की बरामदगी के बाद हालात में बदलाव आया।

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रफाह क्रॉसिंग को खोलने का एलान।

21 महीने बाद इजराइल ने शुक्रवार को बड़ा एलान किया है। इजराइल ने एलान किया है कि वह गाजा पट्टी की मिस्र से लगी रफाह क्रॉसिंग को रविवार को फिर से खोल देगा। रफाह ह क्रॉसिंग को दोबारा खोले जाने को गाजा में युद्धविराम और मानवीय राहत प्रक्रिया की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस कदम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा युद्धविराम योजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। गाजा में राहत सामग्री पहुंचाने के समन्वय की जिम्मेदारी संभालने वाली इजराइली सैन्य इकाई सीओजीएटी (COGAT)ने इस बारे में बयान जारी किया है।

इजराइली सैन्य इकाई सीओजीएटी (COGAT) ने कहा कि इस सीमा से केवल सीमित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और गाजा के दैनिक प्रशासनिक कार्यों का संचालन करने वाली फलस्तीनी समिति के प्रमुख अली शाथ ने भी सीमा को जल्द खोले जाने के संकेत दिए थे। सीओजीएटी ने बताया कि रफाह क्रॉसिंग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा जांच इजराइल और मिस्र संयुक्त रूप से करेंगे। इसके साथ ही जांच प्रक्रिया की निगरानी यूरोपीय संघ के सीमा गश्ती अधिकारी करेंगे। इसके अतिरिक्त,क्रॉसिंग पार करने वाले फलस्तीनियों की एक और जांच इजराइल द्वारा नियंत्रित एक नजदीकी गलियारे में की जाएगी, जो पूरी तरह इजराइली सैन्य नियंत्रण में है।

21 महीने से बंद थी रफाह ह क्रॉसिंग

रफाह क्रॉसिंग गाजा का बाहरी दुनिया से जुड़ने का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से गाजा के नागरिक इलाज, मानवीय सहायता, व्यापार और आवागमन के लिए मिस्र के जरिए अन्य देशों से संपर्क करते हैं। इजराइल ने मई 2024 में इस सीमा को बंद कर दिया था। इजराइली अधिकारियों का कहना था कि हमास द्वारा इसी मार्ग से हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी किए जाने की आशंका के चलते यह फैसला लिया गया। हालांकि, 2025 की शुरुआत में हुए अल्पकालिक संघर्षविराम के दौरान गंभीर रूप से बीमार मरीजों और कुछ विशेष मामलों में लोगों को बाहर निकालने के लिए इस सीमा को कुछ समय के लिए आंशिक रूप से खोला गया था।

इजराइल इसका करता रहा है विरोध

इजराइल लंबे समय से रफाह क्रॉसिंग को स्थायी रूप से फिर से खोलने का विरोध करता रहा है। लेकिन बीते सोमवार को गाजा में अंतिम बंधक के अवशेषों की बरामदगी के बाद हालात में बदलाव आया। इसके एक दिन बाद ही प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा था कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सीमा को सीमित और नियंत्रित तरीके से खोला जाएगा।

किनको होगी आने-जाने की अनुमति

इजराइली अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में चुनिंदा फलस्तीनियों को ही आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। इनमें प्राथमिकता उन लोगों को दी जाएगी जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, साथ ही उन फलस्तीनियों को भी अनुमति मिल सकती है जो युद्ध के दौरान गाजा छोड़ने पर मजबूर हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि रफाह सीमा का दोबारा खुलना गाजा में मानवीय हालात को कुछ हद तक राहत पहुंचा सकता है, हालांकि सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते आम नागरिकों की आवाजाही अभी भी सीमित रहने की संभावना है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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