इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वे गाजा सिटी पर कब्जा करने की सेना की योजना को अंतिम मंजूरी देंगे। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया है कि हमास के साथ वार्ता फिर से शुरू की जाए, जिससे इजराइली बंधकों की रिहाई सुनिश्चित हो सके और युद्ध को इजराइल की शर्तों पर समाप्त किया जा सके।
नेतन्याहू का स्पष्ट संदेश
दक्षिणी इजराइल में सेना की गाजा कमान के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दो टूक शब्दों में कहा- "हम गाजा सिटी पर फिर से कब्जा करने की सेना की योजना को मंजूरी दे रहे हैं। साथ ही मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी बंधकों की रिहाई और इजराइल को स्वीकार्य शर्तों पर युद्ध समाप्त करने के लिए तुरंत बातचीत शुरू करें।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि "हमास को हराना और हमारे सभी बंधकों की रिहाई – ये दोनों लक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और साथ-साथ चलेंगे।"
निर्णायक मोड़ पर पहुंचा संघर्ष
नेतन्याहू ने यह घोषणा ऐसे समय पर की है जब गाजा शहर में बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की जा रही है। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद अब जल्द ही गाजा सिटी में इजराइली सेना व्यापक कार्रवाई शुरू कर सकती है। इस बीच, इजराइली सेना ने उत्तरी गाजा पट्टी के नागरिकों, चिकित्सा कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से दक्षिण की ओर जाने का आग्रह किया है, ताकि अभियान से पहले मानवीय संकट को कुछ हद तक टाला जा सके। सेना 60,000 रिजर्व सैनिकों को तैनात करने की योजना बना रही है, साथ ही 20,000 सक्रिय सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ाई जाएगी।
हमास ने युद्धविराम प्रस्ताव किया स्वीकार
हमास ने सप्ताह की शुरुआत में अरब देशों द्वारा प्रस्तुत एक युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था और कहा था कि अगर इजराइल भी सहमत हो जाए, तो संघर्षविराम संभव है। हालांकि, इजराइली नेतृत्व की मांग है कि युद्ध का अंत उनकी शर्तों पर हो और सभी बंधकों को रिहा किया जाए।
मानवीय संकट गहराता जा रहा
गुरुवार को गाजा पट्टी में हुए इजराइली हमलों में कम से कम 36 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अस्पतालों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुसार, हालात दिन-ब-दिन और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं, और चिकित्सा सुविधाएं भारी दबाव में हैं।
