Islamic Summit In Doha: इजरायल हमास युद्ध की चपेट में कतर भी आ चुका है। कुछ दिनों पहले इजरायली सेना ने कतर की राजधानी दोहा पर हमला किया था। इस घटना ने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला कर रख दिया था। इजरायल का कहना है कि जब तक हमास का अंत नहीं हो जाता तब तक युद्ध जारी रहेगा। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक और गाजा को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह जगह हमारी (इजरायल की) है। भविष्य में कोई फिलिस्तीन नहीं होगा।
UN में लाया जा सकता है फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का प्रस्ताव
इजरायल ने मिडिल ईस्ट में एक ऐसी आग लगाई है, जिसकी वजह से 50 मुस्लिम देश एक मंच पर आने पर मजबूर हो गए हैं। ये सभी मुस्लिम देशों के नेता दोहा में एकजुट होने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इजरायल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव आ सकता है। वहीं, इस महीने के अंत में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन को अलग देश के तौर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी है। इस्लामिक देशों की कोशिश है कि दुनिया के सभी देश फिलिस्तीन को अलग देश बनाने की मान्यता दे।
इजरायल को परिणाम भुगतने होंगे: शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी
इस बैठक से पहले अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेत ने कहा कि हम इसलिए जुट रहे हैं ताकि दुनिया को एक संदेश जाए कि कतर अकेला नहीं है। बता दें कि कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने इजरायली हमलों पर आक्रेश जाहिर करते हुए कहा है कि इजरायल को परिणाम भुगतना होगा।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इजरायल के खिलाफ दुनिया एकजुट हो। इस्लामिक सहयोग संगठन के बैनर तले आने वाले दुनिया के 57 देशों में से 50 देशों के नेता पहुंच रहे हैं। इस मीटिंग में पाकिस्तान भी शामिल होने वाला है।
