World News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के सदस्यों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सभी सदस्य एकजुटता से काम करते हैं तो अमेरिका उनमें से किसी पर भी प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। तेहरान में ओपेक के महासचिव हैथम अल घैस के साथ बैठक के दौरान पेजेशकियन ने कहा, "ओपेक के सदस्यों को इस तरह से काम करना चाहिए कि उससे से किसी अन्य सदस्य को नुकसान न पहुंचे।"
अमेरिका को रोकने के लिए ईरानी राष्ट्रपति की ओपेक सदस्यों से अपील
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "मेरा मानना है कि अगर ओपेक के सदस्य एकजुट होकर और लगातार काम करते हैं, तो अमेरिका उनमें से किसी पर प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा और न ही उन पर दबाव डाल पाएगा।" राष्ट्रपति के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान,पेजेशकियन ने ओपेक सदस्यों की एक आम भाषा, दृष्टिकोण और नीति पर पहुंचने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संगठन को राजनीतिकरण से दूर रखने की भी बात कही।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार,अल घैस ने संगठन में ईरान की 'रचनात्मक' भूमिका की प्रशंसा की। अल घैस ने कहा कि ओपेक ने हमेशा अपने सदस्यों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश की है ताकि उनके सामूहिक हितों की गारंटी हो सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने को लेकर क्या बोले ईरान के प्रथम उप राष्ट्रपति?
इससे पहले बुधवार को ईरान के प्रथम उप राष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलना और बातचीत करना, हालांकि 'असंभव' नहीं है, लेकिन फिलहाल ईरान के एजेंडे में नहीं है। आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने यह जानकारी दी।
आईआरएनए के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने भी कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि तेहरान के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा हाल ही में शुरू किया गया 'अधिकतम दबाव' अभियान फिर से नाकाम हो जाएगा। अराघची ने कहा, "पिछली रात अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई टिप्पणियों के बारे में, मैं यह मानता हूं कि 'अधिकतम दबाव' एक पराजित अनुभव रहा है, और इसका पुनः परीक्षण करने से एक और हार होगी।"
