Iran America Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान होने के बाद अब पाकिस्तान में शांति स्थापित करने की कोशिशें हो रही हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है, जहां पर अमेरिका और ईरान खुलकर बात करेंगे, लेकिन इस बातचीत में ईरान की दो शर्तें अड़चनें पैदा कर सकती हैं।
ईरान ने US के सामने रखीं ये शर्तें
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने वार्ता शुरू होने से पहले अमेरिका को एक बार फिर से तेहरान की दोनों शर्तें याद दिलाईं। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में साफ किया कि बातचीत शुरू होने से पहले दो शर्तों का निपटारा जरूरी है। कालीबाफ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो बिंदुओं का लागु होना अभी बाकी हैं।
कालीबाफ ने कहा, ''दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो बिंदुओं का लागू होना अभी बाकी हैं। पहला- लेबनान में सीज़फायर और दूसरा- वार्ता से पहले ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियां को मुक्त करना। बातचीत शुरू होने से पहले इन दोनों शर्तों को पूरा किया जाना आवश्यक है।''
वेंस ने ईरान को दी चेतावनी
इससे पहले, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका के साथ 'खेल' न खेले, क्योंकि वह ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं। पाकिस्तान जाने के लिए 'एयर फोर्स-टू' में सवार होते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ''हम वार्ता के लिए उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रहेगी। देखते हैं आगे क्या होता है।'' उन्होंने ट्रंप का हवाला देते हुए कहा, ''अगर ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम भी उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।'' लेकिन उन्होंने कहा, ''अगर वे हमसे 'खेल' खेलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ताकार दल इतना भी सहयोगी नहीं है।''
