दुनिया

'ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी, इसकी कीमत चुकानी होगी...' मिसाइल हमले के बाद बोले इजराइली पीएम नेतन्याहू

Iran vs Israel: इजराइली अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने उस पर 181 मिसाइलें लॉन्च की। इजराइल का दावा है कि उसने बड़ी संख्या में मिसाइलों को रोक दिया और हमले को विफल कर दिया। हमले के बाद नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

Image

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।

Photo : Twitter

Iran vs Israel: इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया सामने आई है। यरूशलेम में सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान उन्होंने ईरान को चेतावनी दी। नेतन्याहू ने कहा, आज रात ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। नेतन्याहू ने कहा, दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली की बदौलत हमने ईरानी हमले को विफल कर दिया। उन्होंने अमेरिका को उसके समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।

बता दें, मंगलवार रात ईरान की ओर से इजराइल पर सैकड़ों मिसाइल दागीं, जिसके बाद उसके नागरिकों को बंकरों में रहना पड़ा। इजराइल में हर तरफ सायरन सुने गए। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने उस पर 181 मिसाइलें लॉन्च की। इजराइल का दावा है कि उसने बड़ी संख्या में मिसाइलों को रोक दिया और हमले को विफल कर दिया।

ईरान में मनाया गया हमले का जश्न

उधर, ईरान ने दावा किया है कि उसकी अधिकतर मिसाइलों ने अपने निशानों को सटीक प्रहार किया है। ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोलूश्यनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजराइल के विरूद्ध जो मिसाइलें दागीं, उनमें 90 प्रतिशत निशाने पर सटीक लगी हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में मंगलवार को कहा गया कि मिसाइल हमलों ने वायु एवं रडार ठिकानों के साथ साथ सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाया जहां हमास एवं हिजबुल्ला के वरिष्ठ पदाधिकारियों की हत्या की योजना बनायी गयी थी।टीवी स्टेशन पर ईरान के अज्ञात स्थलों से अंधेरे में मिसाइलों के प्रक्षेपण के फुटेज भी दिखाये गये। जश्न मनाते लोगों में से कुछ चिल्ला रहे थे, अल्लाह हो अकबर, अमेरिका का नाश हो, इजराइल का नाश हो।

इजराइल के साथ आया अमेरिका

द टाइम्स ऑफ़ इज़रायल ने आईडीएफ के हवाले बताया क‍ि अमेरिका ने इज़रायल का साथ देने का ऐलान क‍िया है। इज़रायली सैन्य प्रवक्ता डैनियल हैगरी ने संवाददाताओं से कहा कि इज़रायली वायु सेना अपने दुश्‍मनों पर हमले जारी रखेगी। उन्‍होंने कहा क‍ि इज़रायली और अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों ने प्रभावी ढंग से काम किया और ईरान की ओर से दागी गई म‍िसाइलों में से एक बड़ी संख्‍या को रास्‍ते में ही नष्‍ट कर द‍िया। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उसका प्रहार करने वाला तंत्र इजराइली रक्षा प्रणाली की सहायता करेगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article