Israel-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला किया है। जिससे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। साथ ही शांति वार्ताओं को भी मुश्किल बना दिया है। इस हमले के बाद इराक और सीरिया ने अपने एयरस्पेस बंद कर लिए हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया ने मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है। साथ ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह हमला इजरायल द्वारा लेबनान की राजधानी बेरूत के कुछ इलाकों पर किए गए हवाई हमले के जवाब में किया गया है।
इजरायल ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
मिसाइल हमले के बाद इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे और लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इजरायल की सेना ने दावा किया कि उसने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि उत्तरी इजरायल में कई क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने इस हमले को ईरान की 'गंभीर गलती' बताते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर इसका जवाब दिया जाएगा। वहीं सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ऐयाल जामिर ने कहा कि आदेश मिलते ही ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह नहीं चाहते कि यह संघर्ष फिर से बड़े युद्ध में बदले। उन्होंने कहा कि इजरायल को फिलहाल अतिरिक्त सैन्य जवाब देने की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि बेरूत पर इजरायल द्वारा किया गया हमला अमेरिका के साथ समन्वय में नहीं था और वह इससे खुश नहीं हैं।
इराक और सीरिया का एयरस्पेस बंद
मिसाइल हमलों के बाद कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्रों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। इराक ने 72 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, वहीं सीरिया ने भी अस्थायी रूप से एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की। तेहरान के मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें भी रोक दी गई हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान, कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देश तनाव कम करने और दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ताजा हमलों के बाद हालात फिर से गंभीर होते नजर आ रहे हैं। जिससे शांति बहाली की राह और कठिन होती दिख रही है।
