Indian embassy advisory for students in Kyrgyzstan: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में विदेशी छात्रों के साथ हिंसा की खबरें सामने आने के बाद भारतीय दूतावास एक्टिव हो गया। किर्गिस्तान में भारतीय दूतावास की ओर से इस सिलसिले में भारतीय छात्रों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा है कि हम अपने छात्रों के संपर्क में हैं। स्थिति फिलहाल शांत है लेकिन छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे फिलहाल घर के अंदर ही रहें और किसी भी समस्या के मामले में दूतावास से संपर्क करें। उधर, घटना के सिलसिले में विदेश मंत्री एस जशंकर ने कहा है कि बिश्केक में भारतीय छात्रों के सुरक्षा की निगरानी की जा रही है। कथित तौर पर स्थिति अब शांत है। छात्रों को दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।
बता दें, बिश्केक में हिंसक घटनाओं के बीच तीन पाकिस्तानी छात्रों की मॉब लिंचिंग में मौत की खबर है। पाकिस्तानी छात्रों का कहना है कि उन्हें अपने देश के दूतावास की ओर से कोई मदद नहीं मिली। जानकारी के मुताबिक, हिंसक झड़प तब शुरू हुई जब 13 मई को किर्गिज छात्रों ओर मिस्र के मेडिकल छात्रों के बीच लड़ाई का एक वीडियो इंटरनेट पर शेयर किया गया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और स्थानीय छात्रों ने विदेशी स्टूडेंट्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
निशाने पर पाकिस्तानी छात्र
किर्गिज मीडिया के हवाले से सामने आ रही खबरों के मुताबिक, स्थानीय छात्रों ने मेडिकल शिक्षण संस्थानों के कुछ छात्रावासों में विशेष तौर पर पाकिस्तानी व अन्य विदेशी छात्रों के आवासों को निशाना बनाया। इस दौरान पाकिस्तान की महिला स्टूडेंट्स को भी परेशान किए जाने की खबर है। छात्रों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने उन पर बंदूक और डंडों से हमला किया और स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। हिंसक घटनाओं में कुछ पाकिस्तानी स्टूडेंट्स को चोट आने की भी खबर है।
शहबाज शरीफ ने घटना को लेकर चिंता जताई
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी छात्रों पर हमले की पुष्टि की है और उन्होंने इस घटना पर चिंता भी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, किर्गिस्तान के बिश्केक में पाकिस्तानी छात्रों के साथ हुई घटना को लेकर चिंतित हूं। मैंने पाकिस्तानी राजदूत को आवश्यक मदद और सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। मेरा कार्यालय भी दूतावास के संपर्क में है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। छात्रों को स्थिति सामान्य होने तक घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है।
