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ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी में G7 देश, बाइडन ने इजराइल को भी दे दी नसीहत

Iran Israel Conflict: व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ईरान की ओर से मिसाइल हमले के बाद जी7 देशों ने आपात बैठक बुलाई। इस दौरान सभी देशों ने इजराइल को समर्थन देते हुए ईरान के हमले की निंदा की और नए प्रतिबंधों को लेकर चर्चा भी की।

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ईरान-इजराइल संघर्ष

Photo : Twitter

Iran Israel Conflict: इजराइल पर मिसाइल हमले के बाद G7 देश भी उसके समर्थन में उतर आए हैं। खबर है कि G7 देश ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इजराइल पर हुए मिसाइल हमले बाद G7 देशों ने तनाव कम करने के लिए आपात बैठक बुलाई। इस दौरान सभी देशों ने खुलकर इजराइल का समर्थन किया और ईरान के हमले की कड़ी निंदा की। व्हाइट हाउस की ओर से इस बाबत जानकारी भी दी गई है।

अमेरिका राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति बाइडन इजरायल के खिलाफ ईरान के हमले पर चर्चा करने और नए प्रतिबंधों सहित इस हमले के जवाब में समन्वय करने के लिए जी7 के साथ एक कॉल में शामिल हुए। राष्ट्रपति बाइडन और जी7 देशों ने इजरायल के खिलाफ ईरान के हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की। राष्ट्रपति बिडेन ने इजरायल और उसके लोगों के प्रति संयुक्त राज्य अमेरिका की पूर्ण एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया और इजरायल की सुरक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की दृढ़ प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।

इजराइल को भी दी नसीहत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस दौरान इजराइल को भी सख्त हिदायद दी है। इजराइल से उन्होंने ईरान के हमले का जवाब देने में संयम बरतने की अपील की है। बाइडन ने कहा कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित स्थलों पर इजराइल के किसी हमले का समर्थन नहीं करेंगे। इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि उसने इजराइल से आग्रह किया है कि वह मंगलवार के मिसाइल हमले का जवाब देने में संयम बरते।

ब्रिटेन ने भी किया इजराइल का समर्थन

उधर, ब्रिटेन ने भी इस हमले के बाद इजराइल का समर्थन किया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने इजराइल के खिलाफ ईरान के मिसाइल हमलों की निंदा की। स्टॉर्मर ने इजराइली सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए ब्रिटेन की दृढ़ प्रतिबद्धता जताने के लिए इजराइल के नेता बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, इजराइल और आत्मरक्षा के उसके अधिकार के साथ है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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