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'मार्शल लॉ केस' में फंसे दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा

दक्षिण कोरिया ने 1997 के बाद से मृत्युदंड की सजा पाए किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी है।जैसे ही यून अदालत पहुंचे, सैकड़ों पुलिस अधिकारी उन पर कड़ी नजर रखे हुए थे जबकि उनके समर्थक न्यायिक परिसर के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

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पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा (फाइल फोटो)

दक्षिण कोरिया की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को दिसंबर 2024 में ’मार्शल लॉ’ लागू करने का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश जी कुई-यून ने कहा कि उन्होंने यून को ’नेशनल असेंबली’ (संसद) पर अवैध रूप से कब्जा करने के प्रयास के तहत सेना और पुलिस बल को जुटाने, नेताओं को गिरफ्तार करने और ’’कुछ समय’’ तक निरंकुश शासन स्थापित करने का दोषी करार दिया। नेशनल असेंबली में विपक्षी उदारवादी सांसदों का बहुमत है।

यून के इस फैसले के खिलाफ अपील करने की संभावना है।एक विशेष अभियोजक ने यून के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए कहा कि उनके कार्यों ने देश के लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा किया और वह सबसे गंभीर सजा के हकदार हैं। हालांकि अधिकतर विश्लेषकों को उन्हें उम्रकैद की सजा मिलने की उम्मीद थी क्योंकि इस पूरे घटनाक्रम में कोई हताहत नहीं हुआ था।

1997 के बाद से मृत्युदंड की सजा पाए किसी भी कैदी को फांसी नहीं

दक्षिण कोरिया ने 1997 के बाद से मृत्युदंड की सजा पाए किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी है।जैसे ही यून अदालत पहुंचे, सैकड़ों पुलिस अधिकारी उन पर कड़ी नजर रखे हुए थे जबकि उनके समर्थक न्यायिक परिसर के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यून को ले जा रही जेल बस के गुजरते ही उनके समर्थन में नारे और भी तेज हो गए। इस बीच, यून के आलोचक भी पास ही जमा हो गए और उनके लिए मौत की सजा की मांग करने लगे।

केंद्रीय भूमिका के लिए 30 साल की जेल की सजा मिली

अदालत ने यून के ’मार्शल लॉ’ के फरमान को लागू करने में शामिल कई पूर्व सैन्य एवं पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया और सजा सुनाई, जिनमें पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून भी शामिल हैं जिन्हें इसकी योजना बनाने और सेना को जुटाने में उनकी केंद्रीय भूमिका के लिए 30 साल की जेल की सजा मिली।

अपने बचाव में यून ने कहा कि यह उदारवादी विचारधारा वाले सांसदों को रोकने के लिए आवश्यक था। यून ने उन्हें ’’राष्ट्र विरोधी’’ ताकत करार देते हुए कहा कि विपक्षी दलों के ये सांसद उनके एजेंडा को आगे बढ़ाने में बाधक थे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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