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CIA के पूर्व अफसर ने चुराए 340 करोड़ के गोल्ड बार! लेकिन एजेंसी के पास इतना सोना आया कहां से?

एफबीआई द्वारा दायर आठ पन्नों के हलफनामे के अनुसार, रश पर CIA के सरकारी भंडारण कार्यालय से 303 गोल्ड बार चोरी करने का आरोप है। प्रत्येक गोल्ड बार का वजन करीब एक किलोग्राम था। इसके अलावा उसके पास से 20 लाख डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है।

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सीआईए के पूर्व अधिकारी ने चुराया सोना।

अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) अक्सर अपने गुप्त अभियानों और दुनिया भर में कथित हस्तक्षेपों को लेकर चर्चा में रहती है। कई बार उस पर विदेशी सरकारों को प्रभावित करने या सत्ता परिवर्तन में भूमिका निभाने के आरोप भी लगते रहे हैं। हालांकि इस बार CIA किसी ऑपरेशन की वजह से नहीं, बल्कि अपने ही एक पूर्व अधिकारी की कथित चोरी के मामले को लेकर सुर्खियों में है। CIA के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी पर 4 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के सैकड़ों सोने के बिस्कुट (गोल्ड बार) चोरी करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। आरोपी अधिकारी की पहचान 63 वर्षीय डेविड रश के रूप में हुई है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह फिलहाल वर्जीनिया में हिरासत में है और उसकी अगली अदालत में पेशी 5 जून को होगी।

एफबीआई के हलफनामे में क्या?

एफबीआई द्वारा दायर आठ पन्नों के हलफनामे के अनुसार, रश पर CIA के सरकारी भंडारण कार्यालय से 303 गोल्ड बार चोरी करने का आरोप है। प्रत्येक गोल्ड बार का वजन करीब एक किलोग्राम था। इसके अलावा उसके पास से 20 लाख डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सोने की कुल कीमत 4 करोड़ डॉलर से अधिक है।

जांच एजेंसियों ने जब वर्जीनिया स्थित उसके घर पर तलाशी ली तो वहां से 35 लग्जरी घड़ियां भी मिलीं, जिनमें कई महंगी रोलैक्स घड़ियां शामिल थीं।

एफबीआई के विशेष एजेंट मैथ्यू जॉनसन के अनुसार, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच रश ने सरकारी कामकाज के नाम पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा और करोड़ों डॉलर मूल्य के सोने की मांग की थी। हालांकि दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह इस सोने और नकदी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करना चाहता था।

शैक्षणिक योग्यता और सैन्य सेवा से जुड़े दस्तावेजों में दी थी गलत जानकारी

जांच में यह भी सामने आया कि रश ने CIA में नौकरी हासिल करने के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता और सैन्य सेवा से जुड़े दस्तावेजों में कथित रूप से गलत जानकारी दी थी। वह 2009 में CIA में शामिल हुआ था और उसके पास टॉप सीक्रेट सुरक्षा मंजूरी भी थी।

एफबीआई ने आरोप लगाया है कि रश ने टाइमकार्ड धोखाधड़ी भी की। रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में नौसेना से सम्मानजनक विदाई लेने के बाद भी उसने अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में 744 घंटे की सैन्य छुट्टी दिखाकर करीब 77,000 डॉलर का भुगतान हासिल किया। उस पर खुद को नौसेना रिजर्व में कैप्टन और पायलट बताने का भी आरोप है, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी।

CIA और FBI के संयुक्त बयान में कहा गया कि CIA की आंतरिक जांच में कानून के संभावित उल्लंघन सामने आने के बाद एजेंसी के निदेशक ने मामले को आपराधिक जांच के लिए FBI को सौंप दिया था। अदालत ने फिलहाल रश को जमानत देने से इनकार कर दिया है और वह हिरासत में ही रहेगा।

CIA के पास सोने के बिस्कुट क्यों होते हैं?

इस पूरे मामले के बाद एक सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि आखिर एक खुफिया एजेंसी को सोने के बिस्कुट रखने की जरूरत क्यों पड़ती है?दरअसल, CIA का काम सिर्फ खुफिया जानकारी जुटाना नहीं है। एजेंसी दुनिया के विभिन्न हिस्सों में गुप्त और संवेदनशील अभियानों को भी संचालित करती है। कई बार ऐसे ऑपरेशन युद्धग्रस्त क्षेत्रों, राजनीतिक संकट से जूझ रहे देशों या आर्थिक प्रतिबंधों वाले इलाकों में होते हैं, जहां सामान्य बैंकिंग व्यवस्था काम नहीं करती।

ऐसी परिस्थितियों में सोना और विदेशी मुद्रा बेहद उपयोगी साबित होते हैं। सोना दुनिया भर में मूल्य के भरोसेमंद माध्यम के रूप में स्वीकार किया जाता है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल स्थानीय नेटवर्क, संसाधनों या अन्य गुप्त गतिविधियों के लिए भुगतान के रूप में किया जा सकता है। यही कारण है कि कई देशों की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा संस्थान आपात परिस्थितियों के लिए सोना और नकदी सुरक्षित रखती हैं।

CIA पर भी उठ रहे सवाल

इस घटना ने अमेरिका में सरकारी संस्थानों की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि एक वरिष्ठ अधिकारी लंबे समय तक कथित तौर पर सोना और नकदी निकालता रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी, तो यह सुरक्षा और निगरानी प्रणाली की बड़ी विफलता है।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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