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Britain: महिलाओं के खिलाफ 'नफरती सोच' पर चलेगा कानून का डंडा, ऐसे अपराधों से अब आंतकवाद की तरह निपटेगी सरकार

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  • Updated Aug 18, 2024, 10:29 AM IST

Britain : टेलिग्राफ से बातचीत में कूपर ने कहा, 'यह बात लंबे समय से देखी जा रही है कि महिलाओं के खिलाफ ऑन लाइन और सड़कों पर बढ़ते अपराध को रोकने में सरकार नाकाम रही है। हमने यह भी देखा है कि युवाओं में ऑनलाइन कट्टरपंथी सोच भरी जा रही है। इस सोच के जरिए हमारे समुदाय के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें उकसाया जा रहा है।'

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महिलाओं से नफरत पर कड़ाई से निपटेगी ब्रिटेन की सरकार।

KEY HIGHLIGHTS
ब्रिटेन में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ती नफरती सोच से हरकत में आई सरकार
ऐसी घृणित सोच को आतंकवाद के रूप में लेगी सरकार, सख्त कानून बनाने की चल रही तैयारी
स्कूलों में कौन से ऐसे संदिग्ध हैं जो महिलाओं के खिलाफ अति नफरती सोच रखते हैं, इनकी पहचान होगी

Britain : ब्रिटेन में महिलाओं के खिलाफ पुरुषों की बढ़ती नफरती सोच पर लगाम लगाने के लिए वहां की सरकार अब हरकत में आ गई है। अति महिला विरोधी सोच रखने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के लिए वह एक सख्त कानून लाने की तैयारी में है। महिलाओं के खिलाफ 'अति नफरत' को आतंकवाद के रूप में लिया जाएगा और उसे सजा दी जाएगी। महिलाओं के प्रति नफरती सोच पर लगाम लगाने के लिए ब्रिटेन में पहली बार इस तरह का कानून आने जा रहा है।

कानून की समीक्षा के आदेश

द संडे टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्री यवेट कूपर ने महिलाओं और लड़कियों पर बढ़ती हिंसा के मामलों से निपटने के लिए आतंक विरोधी रणनीति की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा कानून में खामियों की पहचान करने और महिलाओं के खिलाफ किस सोच के तहत हिंसा हो रही है, इसकी पहचान करने के लिए भी कहा है।

टीचर्स को संदिग्धों के बारे में बताना होगा

इस नए कानून के प्रस्ताव के मुताबिक स्कूल के टीचर्स को कानूनी रूप से यह बताना बाध्यकारी होगा कि स्कूल में कौन से ऐसे संदिग्ध हैं जो महिलाओं के खिलाफ अति नफरती सोच रखते हैं। टेलिग्राफ से बातचीत में कूपर ने कहा, 'यह बात लंबे समय से देखी जा रही है कि महिलाओं के खिलाफ ऑन लाइन और सड़कों पर बढ़ते अपराध को रोकने में सरकार नाकाम रही है। हमने यह भी देखा है कि युवाओं में ऑनलाइन कट्टरपंथी सोच भरी जा रही है। इस सोच के जरिए हमारे समुदाय के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें उकसाया जा रहा है।'

मौजूदा कानून कमजोर साबित हुए

लेबर पार्टी की सांसद ने कहा कि हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ नफरती हिंसा से निपटने के लिए जब सबसे ज्यादा सख्त कानून की जरूरत थी, तो देखा गया कि मौजूदा कानून नाकाफी साबित हुए। मंत्री ने आगे कहा कि इसे देखते हुए इस चरमपंथी सोच, यह नफरती भावना कहां से आ रही है और इन पर कैसे रोक लगाई जा सकती है, गृह मंत्रालय को इसका तेजी से विश्लेषण करने के लिए कहा गया है।

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