वाशिंगटन में रूबियो से मिले जयशंकर, ट्रेड डील का स्वागत, क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग बढ़ाएंगे दोनों देश
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Feb 4, 2026, 06:43 AM IST
रुबियो एवं जयशंकर ने भारत- यूएस ट्रेड डील की घोषणा का स्वागत किया। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर किटिकल मिनरल्स पर विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं।
वाशिंगटन में अपने अमेरिकी समकक्ष से मिलते विदेश मंत्री एस जयशंकर।
Jaishankar meets Marco Rubio: अमेरिका की यात्रा पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को वाशिंगटन में अपने यूएस समकक्ष मार्को रुबियो से मुलाकात की। भारत और अमेरिका के बीच हुए टेड डील के बाद दोनों विदेश मंत्रियों की यह पहली बैठक है। दोनों विदेश मंत्रियों ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों क्वाड्रिलेटरल सेक्युरिटी डॉयलॉग (Quad) के जरिए अपना द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रुबियो एवं जयशंकर ने भारत- यूएस ट्रेड डील की घोषणा का स्वागत किया। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर किटिकल मिनरल्स पर विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं।
खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में सहयोग
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को बियो ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने नई आर्थिक संभावनाओं को खोलने और साझा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों लोकतंत्रों के साथ मिलकर काम करने के महत्व पर भी जोर दिया।
भारत-यूएस ट्रेड डील का स्वागत किया
बयान में आगे कहा गया कि 'दोनों विदेश मंत्रियों ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा की। सचिव रुबियो और मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नई आर्थिक संभावनाओं को खोलने और हमारी साझा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए हमारे लोकतंत्रों के साथ मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया।'
क्वाड पर भी हुई बात
दोनों नेताओं ने साझा हितों को बढ़ावा देने के लिए 'समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र' की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रुबियो और जयशंकर ने क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को विस्तार देने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है।' क्वाड में साझेदार देशों के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत शामिल हैं।
क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में भाग ले रहे 50 देश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यह मुलाकात अमेरिका की अपनी जारी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान की, जिसके तहत वह 4 फरवरी को आयोजित होने वाले पहले क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में भाग ले रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता कार्यालय द्वारा पहले जारी एक सूचना के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका वॉशिंगटन डीसी में पहले क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल की मेजबानी करने जा रहा है। इसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित और विविध बनाने के लिए सहयोग को आगे बढ़ाना है।