मध्य पूर्व में जारी टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और प्रोडक्टिव बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से टालने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंनेईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी हमले 5 दिनों के लिए टाल देने का आदेश दिया है।
ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच मध्य पूर्व में जारी तनाव को समाप्त करने के लिए गहन और विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि इन बातचीतों का माहौल सकारात्मक रहा है और समाधान की दिशा में प्रगति के संकेत मिले हैं।
पांच दिन नहीं करेंगे ईरान पर हमले
इसी के मद्देनजर ट्रंप ने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर होने वाले सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला जारी वार्ताओं की सफलता पर निर्भर करेगा और अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अमेरिकी दूत एक 'सम्मानित'ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का कहना है कि ईरान 'समझौता करना चाहता है। इतना ही नहीं उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी दूत एक 'सम्मानित'ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसमें दोनों पक्षों के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही बातचीत हो सकती है।
ट्रंप ने कहा कि आज फोन पर बातचीत संभव है और वह जल्द ही आमने-सामने मुलाकात की भी उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समझौते के बाद यह खुलासा किया जाएगा कि पैसा किसे मिलेगा।
किसी ईरानी नेता की हत्या नहीं चाहते
ईरान के नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में यह स्पष्ट नहीं है कि सर्वोच्च नेता की स्थिति क्या है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह ईरान के किसी भी नेता की हत्या नहीं चाहते।
पूरे सप्ताह जारी रहेगा वार्ता का दौर
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर पूरे सप्ताह जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन चर्चाओं के जरिए मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
इस बयान को क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
ईरानी मीडिया ने खारिज किया ट्रंप का दावा
इस बीच, ट्रंप के वार्ता के दावे को ईरान ने खारिज भी कर दिया है। ईरान ने कहा है कि ट्रंप के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। ईरान ने कहा है कि ट्रंप हमारी बदले की कार्रवाई से डर गए हैं। ईरानी मीडिया ने ये दावा किया है।
ट्रंप ने ईरान को दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो देश के ऊर्जा-बिजली ढांचे पर हमले किए जाएंगे। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर जलमार्ग पूरी तरह से सुरक्षित नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका सबसे बड़े संयंत्र से शुरू करके ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा।
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई जब संघर्ष एक अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर रहा है, और युद्ध अपने शुरुआती दायरे से आगे बढ़ रहा है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सेना ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार लंबी दूरी की मिसाइलें दागी हैं, जिससे मध्य पूर्व से परे संघर्ष के संभावित विस्तार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। खबरों के मुताबिक, इजरायल में एक संवेदनशील परमाणु स्थल के पास हुए ईरानी हमले में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं।
