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सुलह का रास्ता निकाल रहीं दो महाशक्तियां, अमेरिकी NSA से मिले चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग

US China Relations: चीन और अमेरिका के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत 2018 में शुरू हुए व्यापार युद्ध से हुई और जिसमें अब वैश्विक सुरक्षा के मामले भी जुड़ गए हैं जैसे कि दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा, और ऑटोमोबाइल तथा सौर पैनल विनिर्माण जैसे मुद्दों पर औद्योगिक नीति आदि।

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Xi Jinping meets us nsa Jake Sullivan

Photo : AP

US China Relations: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य दोनों शक्तियों के बीच संवाद को खुला रखना है, क्योंकि हाल के वर्षों में चीन और अमेरिका के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य सलाहकार के रूप में अपनी पहली चीन यात्रा पर आए सुलिवन ने विदेश मंत्री वांग यी और केंद्रीय सैन्य आयोग के एक वरिष्ठ जनरल सहित वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से मुलाकात की। बता दें, चीन और अमेरिका के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत 2018 में शुरू हुए व्यापार युद्ध से हुई और जिसमें अब वैश्विक सुरक्षा के मामले भी जुड़ गए हैं जैसे कि दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा, और ऑटोमोबाइल तथा सौर पैनल विनिर्माण जैसे मुद्दों पर औद्योगिक नीति आदि।

सुलह का रास्ता निकाल रहे दोनों पक्ष

दोनों पक्षों ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे संबंधों को संभालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शी और बाइडन ने संबंधों को सुधारने के प्रयास में पिछले साल नवंबर में सैन फ्रांसिस्को में मुलाकात की थी। सरकारी प्रसारणकर्ता सीसीटीवी के अनुसार शी ने कहा, यद्यपि दोनों देशों की परिस्थितियां और चीन-अमेरिका संबंध बहुत बदल गए हैं, फिर भी चीन-अमेरिका संबंधों के स्थिर, स्वस्थ होने और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने का चीन का लक्ष्य नहीं बदला है। वहीं, सुलिवन ने कहा, राष्ट्रपति बाइडन इस महत्वपूर्ण संबंध को जिम्मेदारी से प्रबंधित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रतिस्पर्धा संघर्ष या टकराव में न बदल जाए, और जहां हमारे हित संरेखित हों, वहां मिलकर काम किया जाए।

बाइडन-जिनपिंग की मुलाकात के संकेत नहीं

व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि बीजिंग और वाशिंगटन आने वाले सप्ताह में शी तथा बाइडन के बीच फोन बातचीत की योजना भी बनाएंगे। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार दोनों पक्ष संवाद के मार्गों को खुला रखेंगे। इस बात का कोई संकेत नहीं मिला कि बाइडन के पद छोड़ने से पहले दोनों नेता आमने-सामने मिल सकते हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों पक्षों ने निकट भविष्य में एक सैन्य थियेटर कमांडर स्तर की फोन कॉल करने की भी योजना बनाई है। चीन ने तेजी से अपनी सेना का विस्तार किया है और इस तरह की चिंताएं हैं कि ताइवान और दक्षिण चीन सागर तेजी से टकराव का केंद्रबिंदु बनते जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, सुलिवन ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाकर रखने के महत्व पर भी जोर दिया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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