दुनिया

घर में हार जाएगा चीन,लाखों लोग को मरता छोड़ देंगे जिनपिंग !

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 20, 2022, 06:58 PM IST

China Covid-19 Crisis: महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने सोशल मीडिया पर चीन के कई चौंकाने वाले वीडियो शेयर किए हैं। उन्होंने कोरोना पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 90 दिन में चीन की 60 फीसदी आबादी और दुनिया के 10 फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे।

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चीन में कोविड-19 से बुरा हाल

China Covid-19 Crisis:भारत और चीन के बीच सीमा पर तनातनी जारी है। इस बीच दोनों देश LAC पर अपना जमावड़ा बढ़ा रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बयान दिया है कि भारत ने चीन की सीमा पर अभी तक की सबसे बड़ी तैनाती कर दी है। लेकिन इस बीच चीन पिछले तीन दशक के अपने सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है। वहां पर कोरोना बेकाबू हो गया है। अस्पताल भरे पड़े है, श्मशानों में लंबी कतारें हैं, हालात इस कदर बेकाबू हैं कि दवाओं की भी किल्लत होने लगी है। प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ फेगल-डिंग ने ट्वीट कर लिखा है चीन में अगले 90 दिनों में 60 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो जाएगी।

बेहद बुरे हैं हालात

महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने सोशल मीडिया पर चीन के कई चौंकाने वाले वीडियो शेयर किए हैं। जिसमें अस्पतालों के बदतर हालात दिखाई पड़ रहे हैं। उन्होंने कोरोना पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 90 दिन में चीन की 60 फीसदी आबादी और दुनिया के 10 फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे। और इसकी वजह से लाखों लोगों के मरने की आशंका है।

जिनपिंग सरकार ने लोगों को मरने के लिए छोड़ा

एरिक फेगल-डिंग ने एक अन्य वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा है कि चीन में सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। उसकी नीति यह है कि जिसे संक्रमण हो रहा है उसे होने दो, जो मर रहा है उसे मरने दो। यानी जल्दी संक्रमण, जल्दी मौतें, जल्दी पीक और उसके बाद सब कुछ जल्दी ही ठीक हो जाएगा। चीन में जीरो कोविड कोविड पॉलिसी खत्म होने के बाद से संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है।

वैक्सीन और वैक्सीनेशन पर सवाल

कोरोना की वैक्सीन को लेकर चीन के रवैये पर हमेशा से संदेह रहा है। क्योंकि जिनपिंग ने चीन की ही वैक्सीन पर भरोसा जताया है। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन में अभी तक 57 फीसदी व्यस्कों ही बूस्टर डोज लगी है। इसके अलावा 65 साल से ऊपर की आबादी के 42,3 फीसदी लोगों को बूस्टर डोज लगी है। हालांकि चीन के आंकड़ों को लेकर भी हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। और जिस तरह से संक्रमण के नए मामले आ रहे हैं, उससे वैक्सीन और वैक्सीनेशन दोनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।

आर्थिक संकट में भी फंसे

कोविड की सख्ती की वजह से चीन में बेरोजगारी भी बढ़ गई है। कमर्शियल गतिविधियां ठप हो गई थी। इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। कई शहरों में इस साल प्रॉपर्टी के दाम 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरे हैं। हाल के महीनों में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां गई हैं। चीन में रोजगार संकट बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि चीन में 16 से 24 साल का हर पांचवां युवा बेरोजगार है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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