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लॉरेंस बिश्नोई, निज्जर केस...मोदी सरकार पर आरोप लगाते-लगाते थका कनाडा, बोला- नहीं मिला भारत के लिंक का कोई सबूत

Nijjar Case in Canada: कनाडाई पुलिस प्रमुख माइक डुहेम ने कहा है कि भारत सहित किसी भी विदेशी हस्तक्षेप या सीमा-पार दमन को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं है।

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लॉरेंस बिश्नोई, निजर केस...मोदी सरकार पर आरोप लगाते-लगाते थका कनाडा

India-Canada News: कनाडा के पुलिस प्रमुख माइक डुहेम ने कहा है कि भारत सहित किसी भी विदेशी देश द्वारा विदेशी दखल या सीमा-पार दमन का कोई सबूत नहीं मिला है। CTV News को दिए एक इंटरव्यू में डुहेम ने कहा कि भारत या किसी अन्य देश को विदेशी दखल या सीमा-पार दमन से जोड़ने वाला अब तक कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने यह जवाब खास तौर पर भारत के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया।

डुहेम ने कहा, 'विदेशी दखल या सीमा-पार दमन से जुड़ी हमारे पास मौजूद सभी फाइलों के आधार पर, हमारे पास जो जानकारी है, वह यह है कि कुछ लोग दूसरों को डरा-धमका रहे हैं और परेशान कर रहे हैं; लेकिन किसी भी देश की किसी विदेशी संस्था से इन घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने वाला कोई सबूत हमारे पास नहीं है।'

लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह और भारतीय सरकार के साथ उसके कथित जुड़ाव के बारे में पूछे जाने पर, डुहेम ने कहा कि निज्जर और बिश्नोई के मामलों को अलग-अलग नजर से देखा जाना चाहिए।

बिश्नोई के नाम पर जबरन वसूली

डुहेम ने कहा, 'पिछले एक साल में जबरन वसूली से जुड़ी कुछ ऐसी फाइलें भी सामने आई हैं, जिनका संबंध बिश्नोई से है। डुहेम ने कहा, 'इसमें कभी-कभी चुनौती यह होती है कि कुछ समूह जबरन वसूली के मामलों में अपने मकसद को आगे बढ़ाने के लिए बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए कभी-कभी इस गुत्थी को सुलझाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।'

कनाडा ने भारत पर क्या आरोप लगाए थे?

कनाडा में विदेशी दखल और सीमा-पार दमन हमेशा से ही संवेदनशील मुद्दे रहे हैं। भारत और कनाडा के रिश्तों में आई कड़वाहट की जड़ में यही मुद्दे थे, क्योंकि कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को भारतीय एजेंटों से जोड़ा था। भारत ने निज्जर को आतंकवादी घोषित कर रखा था। उनकी सरकार ने भारत पर कनाडा में संगठित अपराध नेटवर्क चलाने का आरोप भी लगाया था।

हालांकि, पिछले दो सालों में कनाडा सरकार के रुख में बदलाव आया है। सितंबर 2023 में ट्रूडो ने कहा था कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की संभावित संलिप्तता के विश्वसनीय आरोपों की सक्रियता से जांच कर रही हैं।

डुहेम ने भी खुद भारत पर कनाडा में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था और इस देश को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया था। इन हिंसा में हत्याओं के भी आरोप थे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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