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बांग्लादेश के चट्टोग्राम में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, भीड़ ने फेंके ईंट-पत्थर

Bangladesh Hindu Temples Vandalized: बांग्लादेश के चट्टोग्राम में नारेबाजी कर रहे सैकड़ों लोगों के एक समूह ने मंदिरों पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे शनी मंदिर और अन्य दो मंदिरों के द्वार क्षतिग्रस्त हो गए। कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रमुख अब्दुल करीम ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावरों ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।

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बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़।

Photo : AP

Bangladesh Hindu Temples Vandalized: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ आतंक रुकने के नाम नहीं ले रहा है। अब सामने आया है कि चट्टोग्राम में नारेबाजी कर रही भीड़ ने तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की। न्यूज पोर्टल ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ ने अपनी खबर में कहा कि यह हमला बंदरगाह शहर के हरीश चंद्र मुनसेफ लेन में दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। इस दौरान शांतानेश्वरी मातृ मंदिर, शनि मंदिर और शांतनेश्वरी कालीबाड़ी मंदिर को निशाना बनाया गया।

समाचार पोर्टल ने मंदिर अधिकारियों के हवाले से बताया, नारेबाजी कर रहे सैकड़ों लोगों के एक समूह ने मंदिरों पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे शनी मंदिर और अन्य दो मंदिरों के द्वार क्षतिग्रस्त हो गए। कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रमुख अब्दुल करीम ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावरों ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। पुलिस ने कहा कि मंदिरों को बहुत कम नुकसान हुआ है। बता दें, बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी चिन्मय कृष्ण दास के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किये जाने के बाद से चट्टोग्राम में विरोध प्रदर्शन जारी है।

चिन्मय कृष्ण दास समेत 17 के बैंक खाते फ्रीज

वहीं, बांग्लादेश की सरकार ने इस्कॉन के पूर्व सदस्य चिन्मय कृष्ण दास सहित इस धार्मिक संस्था से संबद्ध 17 लोगों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों से लेन-देन पर 30 दिन के लिए रोक लगाने का आदेश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश वित्तीय खुफिया इकाई (बीएफआईयू) ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ये निर्देश जारी करते हुए इन खातों से सभी तरह के लेन-देन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी। बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक के तहत आने वाली बीएफआईयू ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इन खातों से संबंधित जानकारी तीन कार्य दिवस में भेजने को कहा है। इसमें इन 17 व्यक्तियों के स्वामित्व वाले सभी तरह के कारोबारों के सभी खातों के अद्यतन लेन-देन के विवरण शामिल हैं।

राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप

बता दें, बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दाव सहित 19 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर चटगांव के न्यू मार्केट इलाके में हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्र ध्वज का असम्मान करने का आरोप लगाया गया है। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण ज्योत के प्रवक्ता दास को राजद्रोह के आरोप में सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मंगलवार को चटगांव की एक अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया और जेल भेज दिया, जिसके चलते उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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