भारत में शेख हसीना के संबोधन पर बांग्लादेश में मच गई हलचल; हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के बीच कही ये बात
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 25, 2026, 11:39 PM IST
बांग्लादेश ने भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सार्वजनिक रूप से संबोधन की अनुमति दिए जाने पर गहरी चिंता जताई है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि हसीना के बयान देश में आगामी आम चुनावों से पहले राजनीतिक स्थिरता, शांति को प्रभावित कर सकते हैं।
शेख हसीना के संबोधन पर बांग्लादेश को आपत्ति
भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सार्वजनिक संबोधन ने बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। ढाका ने भारत सरकार से तीव्र आपत्ति जताते हुए कहा है कि हसीना के बयान देश की राजनीतिक स्थिरता और आगामी संसदीय चुनावों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
ढाका से जारी एक आधिकारिक बयान में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात से हैरान और स्तब्ध है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने और अंतरिम सरकार के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियां करने की इजाजत दी गई। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, मंत्रालय ने इसे देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
बाग्लादेश ने और क्या कहा
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यह घटनाक्रम बांग्लादेश के लोकतंत्र को स्पष्ट रूप से खतरे में डालता है और देश की शांति व सुरक्षा को प्रभावित करता है। इस दौरान मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि के तहत शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए पहले ही औपचारिक अनुरोध किए जा चुके हैं।बयान में कहा गया कि बार-बार अनुरोधों के बावजूद शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने की प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हुई है, जबकि उन्हें भारतीय धरती से राजनीतिक बयान देने की अनुमति दी जा रही है। इसे दोनों देशों के बीच गैर-हस्तक्षेप और अच्छे पड़ोसी संबंधों की परंपरा के विपरीत बताया गया है।
भारत में रह रहीं हैं शेख हसीना
78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में अपनी सरकार के गिरने के बाद भारत में रह रही हैं। छात्र-आंदोलन के चलते उनकी सरकार गिर गई थी और इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी। मौजूदा अंतरिम सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि अवामी लीग नेतृत्व की कथित उकसाने वाली गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया।
शुक्रवार को दिया था ऑडियो संदेश
शुक्रवार को भारत में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में शेख हसीना ने बांग्लादेश की जनता से यूनुस सरकार को सत्ता से हटाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि मौजूदा सरकार के रहते निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं हैं। हसीना ने संयुक्त राष्ट्र से पिछले एक वर्ष की घटनाओं की “निष्पक्ष जांच” कराने की मांग भी की और संविधान की “बहाली” तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने की अपील की। हसीना का यह संदेश एक पूर्व-रिकॉर्डेड ऑडियो के जरिए नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में सुनाया गया। यह घटना ऐसे समय हुई जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों के लिए चुनाव प्रचार शुरू हो चुका है, जिनमें अवामी लीग को भाग लेने से रोक दिया गया है।
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। भारत लगातार बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है।