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बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत, कारोबारी को नए साल की पूर्व संध्या पर लगा दी गई थी आग, इलाज के दौरान तोड़ा दम

Hindu Attacked in Bangladesh: बदमाशों के एक ग्रुप ने दास को तब रोका जब वह अपनी फार्मेसी की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को बचाने की कोशिश में, दास सड़क के किनारे पास के एक तालाब में कूद गए।

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बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत (हिंदू व्यापारी, खोकोन चंद्र दास)

Bangladesh mob attack: नए साल की पूर्व संध्या को भीड़ द्वारा चाकू मारे जाने और आग लगाए जाने के बाद घायल हुए हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि करीब तीन दिनों तक इलाज के बाद सुबह 7:20 बजे के आसपास उनकी मौत हो गई।

नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डॉ. शाओन बिन रहमान ने ANI को फोन पर बताया, 'शरियतपुर के दामुड्या उपजिला में आग के हमले में घायल हुए खोकन दास का आज सुबह 7:20 बजे बांग्लादेश के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में निधन हो गया।'

सांस की नली में गंभीर चोटें

डॉक्टरों ने बताया कि दास का करीब 30 परसेंट शरीर जल गया था, और उनके चेहरे और सांस की नली में गंभीर चोटें आई थीं। अधिकारियों ने बताया कि वे उनके शव को उनके गांव के घर ले जाने के लिए जरूरी कागजात पूरे कर रहे हैं।

कब हुआ हमला और कैसे?

यह हमला 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले के दामुड्या के कोनेश्वर यूनियन में केउरभंगा बाजार के पास हुआ। स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, यह घटना रात करीब 9:30 बजे हुई, जब बदमाशों के एक ग्रुप ने दास को तब रोका जब वह अपनी फार्मेसी की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को बचाने की कोशिश में, दास सड़क के किनारे पास के एक तालाब में कूद गए। उनकी चीखें सुनकर, स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे हमलावर भाग गए।

स्थानीय लोगों ने दास को बचाया और शुरू में उन्हें शरियतपुर सदर अस्पताल ले गए, जहां उन्हें इमरजेंसी इलाज मिला। बाद में उसी रात जब उनकी हालत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उन्हें ढाका रेफर कर दिया। शरियतपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के डॉक्टर नजरुल इस्लाम ने बताया कि दास के शरीर के कई हिस्सों पर चोटें थीं, जिसमें पेट में एक गंभीर घाव, साथ ही चेहरे, सिर के पिछले हिस्से और हाथों पर जलने के निशान थे।

दामुड्या पुलिस स्टेशन के सूत्रों के अनुसार, दास कोनेश्वर यूनियन के तिलोई गांव का रहने वाला था और केउरभंगा बाजार में मोबाइल बैंकिंग का कारोबार भी करता था। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने दामुड्या-शरियतपुर रोड पर उस ऑटो-रिक्शा को रोका जिसमें वह जा रहा था, और फिर हमला किया। दामुड्या पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि दो संदिग्धों की पहचान कर ली गई है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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