युद्धग्रस्‍त यूक्रेन में तबाही का मंजर, पुतिन से बात करना चाहते हैं जेलेंस्‍की, इजरायल से की ये अपील

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 12, 2022, 10:57 PM IST

रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्‍की ने इजरायल की मध्‍यस्‍थता में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से बातचीत की पेशकश की है। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस युद्ध में अब तक यूक्रेनी सेना के लगभग 1,300 जवानों की जान गई है।

युद्धग्रस्‍त यूक्रेन में तबाही का मंजर, पुतिन से बात करना चाहते हैं जेलेंस्‍की, इजरायल से की ये अपील
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कीव : यूक्रेन में रूस की सैन्‍य कार्रवाई को आज 17 दिन बीत चुके हैं, जब हर तरफ गोलीबारी, बमबारी से तबाही का मंजर है। इस युद्ध में बड़ी संख्‍या में लोगों की जान गई है तो संपत्ति का भी व्‍यापक नुकसान हुआ है। इस बीच यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि वोलोदिमीर जेलेंस्‍की ने रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से बातचीत की पेशकश की है। साथ ही उन्‍होंने इजरायल से मध्‍यस्‍थता की अपील भी की है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के 17वें दिन जेलेंस्‍की ने अपने रूसी समकक्ष से इजरायल की राजधानी जेरुसलम में बातचीत की पेशकश की है। जेलेंस्‍की ने कहा कि उन्‍होंने इस मामले में इजरायल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से मध्‍यस्‍थ की भूमिका निभाने की अपील की है। यूक्रेन के राष्‍ट्रपति ने यह दावा भी कि रूस की सैन्‍य कार्रवाई के बाद से यूक्रेनी सेना के लगभग 1,300 जवानों की जान गई है।

यूक्रेन में हर तरफ तबाही

रूस-यूक्रेन युद्ध के एक पखवाड़े से भी अधिक समय बीत जाने के बाद यूक्रेन से जो तस्‍वीरें सामने आ रही हैं, उससे पूरी दुनिया में चिंता है। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन में आवश्यक मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के मद्देनजर सुरक्षित गलियारे के संबंध में दोनों पक्षों से बातचीत कर रहा है। इस बीच रूस ने यूक्रेन में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। रूस ने यूक्रेन पर अब तक लगभग 810 मिसाइलें दागी हैं।

रूसी विमानों और तोपों के जरिये जहां यूक्रेन के पश्चिम में हवाई पट्टियों को निशाना बनाया, वहीं पूर्व में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र पर भी बम बरसाए गए। रूसी हमले के बीच दक्षिणी बंदरगाह शहर मारियुपोल देश के बाकी हिस्सों से कट गया है। युद्ध में अब तक 42 बच्चों सहित 579 आम लोगों की मौत और 1,000 से अधिक लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के मुताबिक, ज्यादातर नागरिक विस्फोटक हथियारों के इस्तेमाल के चलते हताहत हुए।

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