Ukraine Russia Crisis : यूक्रेन संकट पर UN प्रमुख का बड़ा बयान, सबसे बड़े खतरे के दौर से गुजर रही है दुनिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 23, 2022, 09:59 AM IST

Ukraine Russia Crisis Updates : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि समय की मांग है कि हम वार्ता एवं बातचीत के रास्ते पर लौटें। हमें शांति स्थापित करने और युद्ध से लोगों को बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

Ukraine Russia Crisis : यूक्रेन संकट पर UN प्रमुख का बड़ा बयान, सबसे बड़े खतरे के दौर से गुजर रही है दुनिया

Ukraine Russia Crisis : रूस-यूक्रेन तनाव पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बड़ा बयान दिया है। गुटेरेस ने यूक्रेन संकट को हाल के वर्षों में वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर जो  ताजा हालात बने हैं, वे पूरे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को परख रहे हैं। मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि 'हम ऐसी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जिसके बारे में हमने उम्मीद नहीं की थी। हमें इस चुनौती से पार पाना होगा।'

'सीमा पर गोलीबारी बढ़ने की आशंका'
यूक्रेन सीमा पर हुई ताजा झड़पों का जिक्र करते हुए महासचिव ने कहा कि इससे वह काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर गोलीबारी बढ़ने की आशंका बनी हुई है और इससे लोगों का जीवन खतरे में पड़ेगा। पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क एवं लुहांस्क क्षेत्रों को स्वतंत्र देश की मान्यता दिए जाने की रूस के कदम की आलोचना करते हुए गुटेरेस ने कहा कि यह कीव की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। 

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रूस का कदम यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन-गुटेरेस
उन्होंने कहा, 'मुझे स्पष्ट रूप से कहने दें। डोनेत्स्क एवं लुहांस्क को स्वतंत्र देश घोषित करने का रूस का फैसला यूक्रेन की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन है।' गुटेरेस ने कहा कि इस तरह का एकतरफा फैसले से न केवल यूएन चार्टर का उल्लंघन हुआ है बल्कि महासभा के 'फ्रेंडली रिलेशंस डिक्लेयरेशन' के खिलाफ भी है। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन सीमा पर तत्काल युद्धविराम और कानून व्यवस्था का पालन करने का आह्वान करता है। 

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'हमें बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहिए'
उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि हम वार्ता एवं बातचीत के रास्ते पर लौटें। हमें शांति स्थापित करने और युद्ध से लोगों को बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। डोनत्स्क एवं लुहास्क को आजाद देश घोषित करने के रूस के फैसले के खिलाफ अमेरिका और नाटो के देश प्रतिबंध लगा रहे हैं। अब तक अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस पर प्रतिबंध लगाने और आर्थिक मदद रोकने का ऐलान किया है। बाइडेन ने रूस के दो बड़े वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। बाइडेन का कहना है कि इससे रूस, पश्चिमी देशों के साथ व्यापार नहीं कर पाएगा।

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