पाकिस्तान में प्रसिद्ध ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ ने किया हमला, सिखों को भगाने की दी धमकी

पाकिस्तान के ननकाना साहिब में गुरुद्वारे पर पथराव का मामला सामने आया है। पथराव के दौरान कट्टरपंथी भीड़ ने सिखों को भगाने की भी धमकी दी।

Stone pelting at Nankana Sahib Gurdwara in Pakistan
पाकिस्तान में प्रसिद्ध ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ ने की पत्थरबाजी, सिखों को भगाने की दी धमकी 

मुख्य बातें

  • पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ ने किया पथराव और सिखों को भगाने की दी धमकी
  • पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेरा, अंदर फंसे लोगों को निकाला
  • भीड़ ने धमकी देते हुए कहा कि वह इस जगह का नाम ननकाना साहिब से गुलाम-ए-मुस्तफा करवाएंगे

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सिखों के साथ धर्मांतरण के मामले रूकने के नाम नहीं लिख रहे हैं लेकिन इस बीच शुक्रवार को भीड़ ने शुक्रवार को ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पत्थर बरसा दिए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे को घेर लिया औऱ जमकर नारे बाजी की। बड़ी संख्या में लोग यहां इकट्ठा हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी कहने लगे कि हम किसी भी सिख को ननकाना साहिब में नहीं रहने देंगे और उसका नाम बदलकर  ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा रख देंगे।

खबरों की मानें तो हमले की खबर मिलते ही पाकिस्तान के करीब दर्जन भर पुलिस कर्मी गुरुद्वारे में पहुंच गए हैं। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि ये पुलिसकर्मी भीड़ को हटाने में नाकामयाब रहे हैं। कट्टरपंथियों की इस हरकत की वजह से से पहली बार गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब में भजन-कीर्तन को रद्द करना पड़ा है। 

इस प्रदर्शन को उस मोहम्मद हसन के परिवार द्वारा आयोजित किया गया जिसने सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण कर धर्म परिवर्तन करा लिया और फिर निकाह कर लिया। ननकाना साहिब गुरुद्वारे की ग्रंथी का आरोप है कि उनकी बेटी का कुछ लोगों द्वारा बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया और फिर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करवा दिया गया।

इस दौरान एक शख्स नारे लगाते हुए कह रहा है 'अपनी मर्जी से इस्लाम कबूलने और शादी करने वाली लड़कियों को लेकर सिख समुदाय के लोग जबरदस्ती हंगामा करते हैं और पुलिस में कंप्लेन करते हैं।

आपको बता दें कि पिछले साल जगजीत कौर नाम की सिख लड़की को अगवा कर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराते हुए उसे इस्लाम कबूल करवाकर उसकी जबरन उसकी मुस्लिम युवक से शादी कराई गई। इसके बाद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खूब किरकिरी हुई। मामले पर दबाव बढ़ता देख पाकिस्तान की पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई और उसने एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे।

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