लाहौर: ऑनलाइन गेम PUBG को लेकर दुनियाभर से कई रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं, जिससे पता चलता है कि यह किस तरह किशोर मन को ऐसे अपने नियंत्रण में ले लेता है कि वह कुछ भी कदम उठा लेता है। अब पाकिस्तान से भी ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां 18 साल के एक लड़के को इसकी लत कुछ ऐसी लगी कि मां की डांट-डपट और रोक-टोक से आजिज आकर उसने पूरे परिवार को ही गोलियों से भून डाला।
इस घटना के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर पबजी को बैन करने की मांग उठने लगी है। यह घटना यूं तो 19 जनवरी की है, लेकिन इस मामले में पुलिस की जो जांच रिपोर्ट सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। पूछताछ के दौरान लड़के ने पुलिस को यह भी बताया कि कैसे इस ऑनलाइन गेम में कई बार हारने के बाद उसके मानसिक तनाव का स्तर बढ़ गया था और हर वक्त इसमें डूबे रहने की वजह से मां की डांट-फटकार से वह आजिज आ गया था।
था सबके लौट आने का भ्रम
उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी बताया कि जिस तरह ऑनलाइन गेम में अंतत: सबकुछ उसके पास लौट आता था, उसी तरह उसे लगता था कि गोलीबारी के बाद भी घर के सभी सदस्य जिंदा बच जाएंगे और उसके पास लौट आएंगे। पुलिस की अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि यह लड़का अपने घर में अलग-थलग रहता था और कमरे में अकेले बैठकर अक्सर PUBG गेम खेलता रहता था, जिसके लिए मां ने कई बार उसे डांटा।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, किशोर पहले हॉस्टल में रहता था और वहीं उसे इस ऑनलाइन गेम की ऐसी लत लगी कि इसने उसके दिमाग को पूरी तरह हाईजैक कर दिया और वह एक काल्पनिक दुनिया में जीने लगा। इसी गेम का असर था कि उसने करीब 10 दिन पहले अपनी मां, दो बहनों और एक बड़े भाई को उस वक्त गोलियों से भून डाला, जब वे सो रहे थे। इसके बाद वह घर से निकला और फिर पिस्तौल को छिपा दिया।
दिमाग को हाईजैक कर लेता है ये गेम
घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था, लेकिन फिर कुछ ही घंटों की पूछताछ के बाद उसे परिजनों के अंतिम संस्कार में जाने की अनुमति दे दी गई थी। हालांकि वहां से वह फिर कहीं चला गया था, जिसके बाद पुलिस को लगातार उसकी तलाश थी। अंतत: शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस घटना से लोग सकते में हैं, जिसके बाद पाकिस्तान में न केवल इस ऑनलाइन गेम को बैन करने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है, बल्कि अभिभावकों को यह सलाह भी दी जा रही है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यह ऑनलाइन गेम बच्चों के दिमागी विकास के लिए बड़ी बाधा और एक हद तक खतरनाक भी समझा जाता है, जिसके चक्कर में आकर कई बार वे खुद का भी नुकसान कर बैठते हैं।

