ये हैं रूस के 7 अब तक के सबसे महंगे हथियार, दुनिया ताकत के आगे भरती है पानी
रूस के सात सबसे महंगे हथियार देश की स्ट्रेटेजी और मिलिट्री पावर को दिखाते हैं। $700 मिलियन से ज्यादा कीमत वाली Borei-क्लास सबमरीन से लेकर हाइपरसोनिक अवांगार्ड ग्लाइड व्हीकल तक, ये सिस्टम दुनिया भर में इसकी मिलिट्री पावर बनाए रखने के लिए बड़े टेक्नोलॉजिकल इन्वेस्टमेंट को दिखाते हैं।
Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Dec 8 2025, 12:44 IST
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Yasen-क्लास न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन रूस के सबसे महंगे नेवल प्लेटफॉर्म में से हैं, जिनकी यूनिट की कीमत लगभग $1.6 बिलियन है। ये सबमरीन स्टेल्थ के साथ भारी टॉरपीडो और मिसाइल हथियारों को जोड़ती हैं। उनके एडवांस्ड प्रोपल्शन और सेंसर सूट बजट पर भारी पड़ जाते हैं, जिससे उनके लड़ाकू असर के बावजूद फ्लीट की संख्या कम हो जाती है।
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Borei-क्लास न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन रूस की सबसे महंगी मिलिट्री एसेट्स हैं, जिनकी पहली यूनिट की कीमत रिसर्च और डेवलपमेंट मिलाकर लगभग $713 मिलियन है। ये स्ट्रेटेजिक सबमरीन कई न्यूक्लियर मिसाइल ले जाती हैं और सेकंड-स्ट्राइक कैपेबिलिटी देती हैं। Bulava मिसाइल डेवलपमेंट समेत पूरा प्रोग्राम अरबों डॉलर का है, जो न्यूक्लियर डिटरेंस पर दी गई स्ट्रेटेजिक प्रायोरिटी को दिखाता है।
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रूस के Su-57 प्रोग्राम में डेवलपमेंट और प्रोडक्शन में अरबों डॉलर का इन्वेस्टमेंट होता है। हालांकि हर यूनिट की लागत $35 मिलियन से $50 मिलियन तक होती है, लेकिन एडवांस्ड स्टेल्थ, एवियोनिक्स और वेपन सिस्टम के लिए दशकों तक लंबी फंडिंग की जरूरत होती है। प्रोग्राम में देरी से लागत बढ़ गई है, लेकिन यह फाइटर रूस के एयर कॉम्बैट मॉडर्नाइजेशन के लिए अभी भी सेंट्रल है।
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RS-28 सरमत हेवी ICBM रूस के न्यूक्लियर डिटरेंट का आधार है। हालांकि इसकी सही कीमत अभी सीक्रेट रखी गई है, लेकिन इसे डेवलप और डिप्लॉय करने में कई अरब डॉलर का खर्च आएगा। 16 वॉरहेड या हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तक ले जाने में सक्षम, सरमत मिसाइल का साइज और कॉम्प्लेक्सिटी इसे रूस के सबसे महंगे स्ट्रेटेजिक प्रोजेक्ट्स में से एक बनाती है।
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S-500 प्रोमेथियस रूस का अगली पीढ़ी का एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जिसे हाइपरसोनिक खतरों और ICBMs का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। एक रेजिमेंट या बैटरी की अनुमानित लागत लगभग $2.5 बिलियन है। इसकी एडवांस्ड रडार और मिसाइल टेक्नोलॉजी इसे आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ एक महंगा लेकिन स्ट्रेटेजिक एसेट बनाती है।
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Tu-160M ब्लैकजैक के मॉडर्न प्रोडक्शन और अपग्रेड में बहुत ज्यादा लागत आती है, हर एयरफ्रेम की कीमत करीब $500 मिलियन है। ये सुपरसोनिक स्ट्रेटेजिक बॉम्बर वेरिएबल-स्वीप विंग्स और हाई पेलोड कैपेसिटी के साथ लंबी दूरी की न्यूक्लियर और कन्वेंशनल स्ट्राइक कैपेबिलिटी देते हैं। Tu-160M रूस की स्ट्रेटेजिक पहुंच का सिंबल बना हुआ है।
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अवनगार्ड (Avangard) हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल, जो Mach 27 तक की स्पीड पकड़ सकता है, रूस के न्यूक्लियर हथियारों के जखीरे में एक बहुत महंगा हथियार है। रिसर्च, डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट का खर्च अरबों में आता है। यह मिसाइल डिफेंस के खिलाफ बहुत तेज स्पीड और बचाव देता है। रूस के 'सुपर वेपन्स' का हिस्सा, अवनगार्ड महंगे मॉडर्न स्ट्रेटेजिक हथियारों का उदाहरण है।