तुर्किए के दक्षिणी प्रांत कहरामनमारास में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 13 वर्षीय छात्र ने अपने ही स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने बैग में 5 बंदूकें और 7 मैगज़ीन लेकर स्कूल पहुंचा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये हथियार उसके पिता के थे, जो पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। छात्र ने स्कूल पहुंचते ही दो कक्षाओं में घुसकर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
क्या बोले प्रत्यक्षदर्शी
घटना के दौरान कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदकर बाहर भागे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में कई गोलियां चलीं और पूरा परिसर दहशत में आ गया। बाद में हमलावर की भी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि उसने खुद को गोली मारी, हालांकि यह अभी जांच का विषय है कि यह आत्महत्या थी या किसी और कारण से उसकी मौत हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हमलावर के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया है। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।एर्दोगन ने बताया कि मंगलवार के हमले के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया और चार अधिकारियों को ड्यूटी से निलंबित कर दिया। स्कूल को चार दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।
बीते दिन भी हुई थी ऐसी ही घटना
यह गोलीबारी उस घटना के एक दिन बाद हुई है जब एक पूर्व छात्र ने देश के मध्य में स्थित सानलिउर्फा प्रांत के सिवेरेक जिले में अपने पूर्व हाई स्कूल में शॉटगन से गोलीबारी की थी। हमलावर ने पुलिस के साथ मुठभेड़ में खुद को मार डालने से पहले 16 लोगों को घायल कर दिया। मृतकों में दस छात्र शामिल थे। तुर्किए में बंदूक संबंधी सख्त कानून हैं जिनके तहत लाइसेंस, पंजीकरण, मानसिक और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच अनिवार्य है और अवैध कब्जे के लिए गंभीर दंड का प्रावधान है।
