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महिला ने बेंगलुरु के लिए कह दी ऐसी बात कि मच गया बवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ा महासंग्राम

Viral Post: महिला ने कहा कि, ', 'ऑटो चालकों, मेट्रो कर्मचारियों और इसी तरह की सार्वजनिक भूमिकाओं में काम करने वाले अन्य लोगों ने मेरे साथ बहुत ही खराब तरीके से बात की है। उनमें से बहुत से लोग ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे उन्हें अपनी नौकरी से नफरत है और वे हमेशा चिढ़े रहते हैं।'

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बेंगलुरु शहर। (फोटो साभार: istock)

Viral Post: बेंगलुरु की एक महिला द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई पोस्ट ने बवाल मचा दिया है। 'मैं एक कन्नड़िगा हूं और मैं बेंगलुरु का बचाव करना बंद कर चुकी हूं। यह शहर उस नफरत का हकदार है जो उसे मिल रही है' शीर्षक वाली पोस्ट में महिला ने एक निराशाजनक घटना शेयर की है। कर्नाटक के एक टियर-2 शहर से 6-7 साल पहले बेंगलुरु आई इस अनाम यूजर ने खुलासा किया कि बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के एक बस कंडक्टर ने कॉल पर रहते हुए दरवाज़ा खटखटाने पर उसका मज़ाक उड़ाया था। पोस्ट के अनुसार, कंडक्टर ने कन्नड़ में एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उसने लिखा, 'मुझे अनावश्यक रूप से अपमानजनक लगा। सिर्फ़ फ़ोन पकड़े हुए बस का दरवाज़ा खटखटाने के लिए?' साथ ही उसने यह भी कहा कि यह कोई अकेला अनुभव नहीं था।

उन्होंने लिखा, 'ऑटो चालकों, मेट्रो कर्मचारियों और इसी तरह की सार्वजनिक भूमिकाओं में काम करने वाले अन्य लोगों ने मेरे साथ बहुत ही खराब तरीके से बात की है। उनमें से बहुत से लोग ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे उन्हें अपनी नौकरी से नफरत है और वे हमेशा चिढ़े रहते हैं - जैसे कि वे किसी मौके की तलाश में हों और गुस्सा निकाल सकें।' पोस्ट में महिला ने शहर में रहते हुए जो पैटर्न देखा है उसका भी विवरण दिया है। उन्होंने कहा,'मेरे साथ मेरे पहनावे के आधार पर बहुत अलग तरह से व्यवहार किया जाता है। विडंबना यह है कि मैं जितनी अच्छी तरह से तैयार या सुसज्जित दिखती हूं, लोगों का रवैया उतना ही खराब होता जाता है। जिन दिनों मैं साधारण कुर्ता पहनती हूं, बालों में तेल लगाती हूं, वही शांत शारीरिक भाषा होती है- कोई समस्या नहीं होती। लेकिन जब मैं ऐसी दिखती हूं कि मैं उच्च आय वर्ग से हूं, तो टकराव शुरू हो जाता है," उन्होंने कहा कि कन्नड़ में बात करने से आमतौर पर लोगों का स्वर नरम हो जाता है। उन्होंने कहा, 'यहां अधिकार और असुरक्षा का एक अजीब मिश्रण है। मैं बस थक गई हूं। बेंगलुरू में दिन-प्रतिदिन आत्महीनता बढ़ती जा रही है।'

इस पोस्‍ट पर एक यूजर ने कहा कि 'लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है क्योंकि आवश्यक सुविधाएं लगातार खराब होती जा रही हैं, जिससे शहर हर दिन रहने लायक नहीं रह गया है। खराब सड़कों, खुले सीवेज या मेट्रो की धीमी प्रगति जैसे वास्तविक मुद्दों को संबोधित करने के बजाय, अक्सर ध्यान कहीं और चला जाता है। वास्तविक समस्याओं के खिलाफ़ बोलने की तुलना में अजनबियों या प्रवासियों को निशाना बनाना आसान है। अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना मुश्किल हो गया है-कई लोग राजनीतिक धमकी से डरते हैं और टकराव के बजाय चुप्पी चुनते हैं।' एक अन्य ने टिप्पणी की, 'टियर 2 शहर शांत एवं संगठित तरीके से काम करते हैं, जबकि बड़े शहर अव्यवस्थित होते हैं। भारत में जो कोई भी टियर 2 से टियर 1 शहरों में जाता है, वह इस बदलाव का अनुभव करेगा।' तीसरे ने कहा कि, 'मैं पूरी तरह से समझता हूं कि आप क्या कहना चाह रही हैं। आप अकेले नहीं हैं जो ऐसा महसूस कर रहे हैं, हममें से कई लोग जो कन्नड़ हैं और लंबे समय से बेंगलुरु में रह रहे हैं, उन्होंने भी इस बदलाव को महसूस किया है। लोगों के रवैये में एक निश्चित बदलाव आया है, खासकर सेवा भूमिकाओं में काम करने वाले लोगों में जो पूरे दिन भीड़ के साथ मिलते-जुलते हैं। ऐसा लगता है कि शहर की अराजकता ने सभी को कठोर बना दिया है।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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