बारिश से लोगों का जीवन बेहाल है। भारत के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाढ़ का दर्द फिलहाल पंजाब खूब झेल रहा है। पंजाब के हर एक जिले में बाढ़ आ चुकी है। लोगों के घर-मकान, दुकान सब डूब चुके हैं। खाने-पीने की समस्या भी सामने आ रही है। बाढ़ पीड़ित इलाकों में मदद के लिए कई तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं। ट्रैक्टर पर लादकर लोगों के घरों तक खाने-पीने की सामग्रियां पहुंचाई जा रही हैं। पंजाब में बाढ़ से इंसान तो परेशान हैं ही, लेकिन बाढ़ का दुष्प्रभाव सबसे ज्यादा जानवरों पर पड़ा है। बाढ़ में अब तक कई जानवरों की मौत भी हो चुकी है।
घर में घुसा बाढ़ का पानी
ऐसे में बाढ़ के प्रकोप से अपने मवेशियों को बचाने के लिए एक परिवार ने अनोखा जज्बा दिखाया। उन्होंने अपने पाले हुए गाय-भैंसों को घर के छत पर बांध दिया और वहीं पर उनके खाने-पीने का इंतजाम भी कर दिया। हैरान कर देने वाली इस अनोखी व्यवस्था का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो को एक राहगीर ने अपने वाहन के अंदर से रिकॉर्ड किया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में दिखाया गया है कि भारी बारिश के कारण क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, जिससे घर का नीचला हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया है, यानी कि घर का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह से पानी में डूब चुका है।
घर की छत पर बांध दिए गाय-भैंस
ऐसे में घर के सदस्यों ने अपनी गाय और भैंसों की चिंता करते हुए उन्हें ले जाकर घर की छत पर बांध दिया और वहीं उनके खाने-पीने, नहाने-धोने की सारी व्यवस्था कर दी। वीडियो में दिख रहे अनोखे और हैरान कर देने वाले नजारे ने लोगों का दिल जीत लिया। यह वीडियो अन्य लोगों के लिए एक मिसाल बन गया। इस वीडियो को देखकर लोग इस परिवार को "असली एनिमल लवर्स" बता रहे हैं।
वीडियो देख लोगों ने परिवार की खूब तारीफ की
इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर @yadav_samaj_ नाम के पेज से शेयर किया गया है। जिसे खबर लिखे जाने तक हजारों लोगों ने देखा और लाइक किया है। वीडियो पर तमाम लोगों के कमेंट्स भी आ चुके हैं। जहां कई यूजर्स ने इस परिवार की खूब तारीफ की और उन्हें असली एनिमल लवर्स बताया। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "गई भैंस पानी में, नहीं, गई भैंस छत पर!" ये कहावत होनी चाहिए। दूसरे ने लिखा, "इस परिवार को सलाम, इन्होंने बाढ़ में भी अपनी गाय-भैंस को नहीं छोड़ा।"
