Ajab Gajab News: भारत समेत दुनियाभर में तमाम ऐसी रहस्यमयी जगहें मौजूद हैं, जिसके बारे में जानकर लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह बिहार राज्य में है। बिहार के सीवान जिले में एक ऐसा श्मशान घाट मौजूद है, जहां हर रोज कोई न कोई लाश जलना जरूरी है। इस श्मशान घाट की कहानी बेहद अनोखी है। सीवान जिले के गुठनी के ग्यासपुर श्मशान घाट में ऐसा कोई दिन भी नहीं आता, जब यह सूना रहता हो। यहां हर दिन कोई न कोई लाश जलना जरूरी है।
हर रोज जलता है कोई न कोई शव
यहां के लोग बताते हैं कि जिस दिन श्मशान घाट पर कोई लाश नहीं जलता, उस दिन पक्का गांव के किसी न किसी शख्स की मौत हो जाती है। गां के लोग इसे शापित श्मशान घाट मानते हैं। यह श्मशान घाट सरयू और छोटी गंडक नदी के संगम तट पर है। सीवान के लोग मोक्ष प्राप्ति के लिए इस जगह को काफी शुभ मानते हैं। इस श्मशान घाट पर हर रोज 10 से 12 लाशें जलाई जाती हैं। अगर नहीं तो 1 या 2 लाशें जरूर जलती हैं। दो दर्जन से अधिक गांव के मृतक लोगों की लाशें यहां जलाई जाती हैं।
सदियों पहले हुई थी एक संत की मौत
ग्यासपुर श्मशान घाट के बारे में कहा जाता है कि सदियों पूर्व यहां पर एक संत का पैर फिसलने से उनकी मौत हो गई थी। संत खुद को बचाने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन गांव के लोग डर के मारे उन्हें बचाने नहीं आए। मरने से पहले उन संत ने श्राप दिया था कि हर रोज यहां पर किसी न किसी की लाश जरूर जलाई जाएगी। इसके बाद से हर दिन यहां पर किसी न किसी की चिता जलती ही है। जिस दिन कोई शव नहीं आता, उस दिन गांव के ही किसी शख्स की मौत हो जाती है। बताया जाता है कि गांव में पिछले 5 साल से हर रोज कोई न कोई शव जलाया ही जा रहा है। इससे पांच साल पहले राम अयोध्या नाम के एक शख्स की मौत हुई थी।
