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गूगल मीट में सार्वजनिक बेइज्‍जती के बाद बेंगलुरु के इस शख्‍स ने उठाया बड़ा कदम, वायरल हो रही पोस्‍ट

Viral Post: अपनी पोस्‍ट में आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि, 'ऐसी प्रशंसा दुर्लभ थी और सार्वजनिक रूप से बदनाम होने का डर हमेशा बना रहता था। मैनेजर के व्यवहार में देर रात तक कॉल करना, दोष दूसरे पर मढ़ना और चिंताओं को खारिज करने वाली प्रतिक्रियाएं शामिल थीं।

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शख्‍स ने नौकरी से दिया इस्‍तीफा।

Viral Post: बेंगलुरु के एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रवण टिक्कू ने गूगल मीट सेशन में सार्वजनिक अपमान होने के बाद बड़ा फैसला लिया। शख्‍स ने अपनी बेइज्‍जती के बाद तत्‍काल प्रभाव से कंपनी से इस्तीफा दे दिया। एक प्रोजेक्ट पर स्पष्टता मांगने के बावजूद उसे अपने मैनेजर से दुर्व्‍यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे कॉल के दौरान वह भावनात्मक रूप से टूट गया। इंजीनियर ने अपनी भूमिका में ऑनबोर्डिंग और संरचना की कमी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपेक्षाएं स्पष्ट नहीं थीं और समर्थन नहीं था। जब उन्होंने इन मुद्दों को हल करने का प्रयास किया, तो उन्हें और अधिक आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्हें खुद ही इसका पता लगाने के लिए कहा गया।

अपनी पोस्‍ट में आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि, 'ऐसी प्रशंसा दुर्लभ थी और सार्वजनिक रूप से बदनाम होने का डर हमेशा बना रहता था। मैनेजर के व्यवहार में देर रात तक कॉल करना, दोष दूसरे पर मढ़ना और चिंताओं को खारिज करने वाली प्रतिक्रियाएं शामिल थीं। इस्तीफा देने पर, इंजीनियर को व्यंग्यात्मक टिप्पणी मिली: 'दूसरी नौकरी पाने के लिए शुभकामनाएं। देखते हैं कि तुम वहा कितने समय तक टिकते हो।' श्रवण टिक्कू द्वारा शेयर की गई लिंक्डइन पोस्ट पर कई कमेंट्स आए। कई पेशेवरों ने स्वीकार किया है कि वे पहले भी इसी स्थिति में रहे हैं। उन टिप्पणियों ने विषाक्त कार्य वातावरण के भावनात्मक बोझ और सहायक नेतृत्व के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

एक यूजर ने कहा कि, 'मैं वहां गया हूं। इसे समझ सकता हूं।' दूसरे ने कहा कि, 'यह पोस्ट बहुत गहरा आघात करती है, श्रवण। यह देखना दुखद है कि नेतृत्व, या उसका अभाव, किसी के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को किस तरह से प्रभावित कर सकता है। यह एक मजबूत अनुस्मारक है कि नेताओं के रूप में, हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी उत्थान करना, सुनना और ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ लोग मूल्यवान और सुरक्षित महसूस करें।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'इसे पढ़ते हुए, मुझे यह कथन याद आ रहा है बड़ी शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।' चौथे यूजर ने कहा कि, 'दुख की बात है कि कुछ लोग भूल जाते हैं कि नेतृत्व का मतलब नियंत्रण नहीं है, यह देखभाल के बारे में है। टॉक्सिक प्रबंधक न केवल प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाते हैं वे लोगों को तोड़ देते हैं। उन कुछ लोगों के लिए आभारी हूं जो सहानुभूति के साथ नेतृत्व करते हैं। वे जितना हम सोचते हैं, उससे कहीं कम हैं।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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