Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी में 'हर हर महादेव' की गूंज, भक्तों के स्वागत के लिए बिछाया गया है रेड कार्पेट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 15, 2022, 03:33 PM IST

Sawan Maas: सावन मास के पहले दिन ही काशी कांवड़ियों के बोल बम से गुलजार हो उठा। बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए शिवभक्तों की कतार लगी है। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 

Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी में 'हर हर महादेव' की गूंज, भक्तों के स्वागत के लिए बिछाया गया है रेड कार्पेट
Photo Credit: Twitter

Sawan Maas: महादेव शिव के सबसे प्रिय मास सावन की शुरुआत हो गई है। बीते दो साल से कोरोना महामारी के कारण सावन मास पर रौनक फीकी रही, लेकिन इस बार दोगुने जोश और उत्साह के साथ भक्त काशी विश्वनाथ धाम पहुंच रहे हैं। भक्त इस मास को उत्सव के रूप में मना रहे हैं। गंगा से गंगाधर के दरबार तक बोल-बम का जयकारा लगाते भक्तों की कतार काशी विश्वनाथ के द्वार लगी है। 

सावन में देवाधिदेव महादेव की नगरी मानी जाने वाली काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शनों के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिर का चप्पा चप्पा बोल बम के जय-जयकार से गूंज रहा है। भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने भी पूरी व्यवस्था की हुई है। वहीं प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के साथ भक्तों का सहयोग करने और उन्हें हर तरह की सुरक्षा देने में जुटा है। इसके लिए बाकायदा स्पेशल टीमों का गठन किया गया है।  

कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था

काशी में बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के बाद से दर्शन पूजन को शिवभक्तों की अनवरत कतार लगी है। शिवभक्तों के लिए गंगा घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक रेड कार्पेट बिछाया गया है। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भोर से ही श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं। सावन के पूरे माह बाबा विश्वनाथ भक्तों को झांकी दर्शन देंगे।

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर तैयारियां पूरी

काशी विश्वनाथ धाम के नए कॉरिडोर के कारण भी इस वर्ष भक्तों की संख्या अधिक आने की संभावना है। वहीं प्रशासन की तरह से तैयारियां पूरी की गई है। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गंगा घाट से लेकर सड़क तक बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था कराई गई है। शिवभक्त ललिता घाट पर गंगा में स्नान कर सीधे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सकेंगे। वहीं प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

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