आप में से अधिकतर लोग ट्रेन से सफर करते होंगे। कई लोग तो काउंटर से टिकट लेते होंग लेकिन अधिकतर लोग आजकल IRCTC की वेबसाइट का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। रेलवे टिकट बुक करते समय कई बार हमें सीट की जगह 'REGRET' लिखा दिखाई देता है। इससे कई लोग परेशान हो जाते हैं और समझ नहीं पाते कि आखिर टिकट बुकिंग में यह स्टेटस क्यों दिख रहा है। आइए समझते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या होता है REGRET का मतलब?
जब किसी ट्रेन में सीटों की उपलब्धता पूरी तरह खत्म हो जाती है और वेटिंग लिस्ट की सीमा भी पूरी हो जाती है, तब टिकट बुकिंग सिस्टम में REGRET दिखाई देने लगता है। इसका मतलब होता है कि अब उस ट्रेन में नया टिकट बुक नहीं किया जा सकता। यह स्थिति तब आती है जब ट्रेन की सभी सीटें और तय वेटिंग लिस्ट की सीमा भर चुकी होती है।
REGRET आने पर नहीं मिलती टिकट कन्फर्म होने की संभावना
अगर टिकट बुक करते समय REGRET दिख रहा है, तो यात्री उस टिकट को आगे कन्फर्म होने की उम्मीद में बुक नहीं कर सकते, क्योंकि इस स्थिति में नई बुकिंग बंद हो जाती है और कोई नया टिकट जारी नहीं किया जाता।
तत्काल टिकट में भी दिख सकता है REGRET
कई बार यात्री सोचते हैं कि तत्काल टिकट में सीट मिल सकती है, लेकिन अगर ट्रेन पूरी तरह भर चुकी है तो तत्काल कोटे में भी REGRET दिखाई दे सकता है। इसका मतलब है कि उपलब्ध सीटें खत्म हो चुकी हैं।
कैंसिलेशन होने पर बदल सकती है स्थिति
अगर किसी यात्री द्वारा पहले से बुक टिकट कैंसिल किया जाता है, तो कुछ मामलों में सीट उपलब्ध हो सकती है। हालांकि REGRET वाले टिकट में नई बुकिंग अपने आप शुरू नहीं होती, बल्कि रेलवे सिस्टम में उपलब्धता के अनुसार बदलाव होता है।
RAC या कन्फर्म टिकट ही विकल्प
जब किसी ट्रेन में REGRET दिखता है, तो यात्री के पास दूसरी ट्रेन, दूसरी तारीख या अलग कोटे की जांच करने का विकल्प रहता है। अगर RAC या कन्फर्म सीट उपलब्ध हो तो टिकट बुक किया जा सकता है। रेलवे में REGRET स्टेटस यात्रियों को यह बताने के लिए होता है कि ट्रेन की क्षमता पूरी हो चुकी है और फिलहाल नई टिकट बुकिंग संभव नहीं है।
