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दिवाली में मिले गिफ्ट पर भी देना पड़ता है टैक्स, जान लीजिए नियम और शर्त

  • Authored by: Rohit Ojha
  • Updated Nov 9, 2023, 11:39 AM IST

क्या आप जानते हैं कि गिफ्ट पर भी टैक्स वसूला जाता है। गिफ्ट पर टैक्स उसकी कीमत के हिसाब से तय होते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप गिफ्ट्स से जुड़े टैक्स के नियम को जान लीजिए। जिस कंपनी में आप काम करते हैं, अगर उसकी तरफ से कैश गिफ्ट या बोनस मिलता है, तो ये टैक्स के दायरे में आएगा।

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देशभर में दिवाली के त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार सज गए हैं और लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। दिवाली के दिन लोग एक दूसरे से मिलते हैं और गिफ्ट भी देते हैं। नौकरीपेशा लोगों को बोनस भी मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गिफ्ट पर भी टैक्स वसूला जाता है। गिफ्ट पर टैक्स उसकी कीमत के हिसाब से तय होते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप गिफ्ट्स से जुड़े टैक्स के नियम को जान लीजिए, ताकी भविष्य में आपको किसी भी तरह की परेशानी न हो।

इनसे मिले गिफ्ट पर नहीं लगता टैक्स

हर गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगता है। इसके लिए कुछ लिमिट तय की गई हैं। अगर गिफ्ट की कीमत तय लिमिट से अधिक होती है, तो फिर टैक्स देना पड़ता है। अगर आपको अपने परिवार जैसे, माता-पिता, भाई-बहन और पति-पत्नी से गिफ्ट मिलता है, तो इसपर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता है।

टैक्स के दायरे में आते हैं ऐसे गिफ्ट

हालांकि, जिस कंपनी में आप काम करते हैं, अगर उसकी तरफ से कैश गिफ्ट या बोनस मिलता है, तो ये टैक्स के दायरे में आएगा। इसपर लिमिट सालाना 5,000 रुपये की है। इससे अधिक होने पर आपके टैक्स देना होगा। कंपनी दिवाली गिफ्ट के रूप में जो आपको बोनस देती है, उसे सीधे आपकी सैलरी में जोड़ दिया जाता है और इसे टैक्स के दायरे में रखा जाता है।

दोस्तों से मिले गिफ्ट पर टैक्स

अगर आपका कोई दूर का रिश्तेदार या दोस्त 50,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट देता है, तो इसपर टैक्स लगेगा। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2) के तहत इनकी और से मिले गिफ्ट की कीमत सालभर में 50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा कुछ ऐसे भी गिफ्ट हैं, जिनपर टैक्स नहीं लगता है। शादी में मिले गिफ्ट टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं। वसीयत में मिले गिफ्ट भी टैक्स के दायरे से बाहर रहते हैं।

गिफ्ट पर टैक्स कैसे लगाया जाता है, इसे भी समझ लीजिए। तय लिमिट से अधिक की कीमत के गिफ्ट्स की कुल वैल्यू को आपकी कुल कमाई जोड़ दिया जाता है। फिर इसके बाद आपकी इनकम जिस स्लैब में जाएगी, उसी स्लैब के हिसाब से टैक्स की देनदारी बनती है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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