डिजिटल पहचान के इस दौर में आधार कार्ड सबसे अहम दस्तावेजों में से एक बन चुका है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर बैंकिंग और वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं तक, हर जगह आधार अनिवार्य हो गया है, लेकिन इसकी बढ़ती जरूरत के साथ नकली आधार कार्डों का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में असली और नकली आधार कार्ड की पहचान करना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि किसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके। आइए जानते हैं कि नकली या फर्जी आधार कार्ड की पहचान कैसे करें...
क्यूआर कोड
सबसे पहले QR कोड की जांच सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है। असली आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को mAadhaar ऐप या UIDAI की QR कोड स्कैनर ऐप से स्कैन करने पर कार्डधारक की फोटो, नाम और जन्मतिथि सहित अन्य बुनियादी जानकारी तुरंत दिखाई देती है। यदि स्कैन करने पर कोई डेटा न मिले या गलत जानकारी हो, तो कार्ड नकली हो सकता है। यह काम आप किसी अन्य क्यूआर कोड स्कैनर से भी कर सकते हैं।
क्वालिटी
दूसरा तरीका यह है कि आप कार्ड की क्वालिटी चेक करें। यह तरीका किसी भी सामान पर कारगर रहता है। आधार के डिजाइन और प्रिंट क्वालिटी को चेक करें। असली आधार PVC कार्ड पर सुरक्षा फीचर होते हैं, जैसे घोस्ट इमेज, माइक्रो टेक्स्ट, डिजिटल सिक्योरिटी कोड और होलोग्राम जैसी विशेषताएं। यदि कार्ड पर प्रिंट धुंधला हो, होलोग्राम गायब हो या डिजाइन में अंतर दिखाई दे, तो सावधानी बरतना चाहिए।
आधार की वेबसाइट
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर “Verify Aadhaar Number” फीचर भी एक कारगर और आधिकारिक तरीका है। आधार की वेबसाइट पर जाएं वहां, वेरिफाई आधार नंबर के विकल्प पर क्लिक करें। अब 12 अंकों का आधार नंबर डालकर चेक कर सकते हैं नंबर वैध है या नहीं। नंबर इनवैलिड बताया जाए तो कार्ड अवैध माना जाता है।
आज के समय में आधार पहचान की सुरक्षा सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। कई लोग अपने घर के कमरे या फ्लैट को किराए पर देते हैं। ऐसे में किराएदार के आधार कार्ड को वेरिफाई करना उनके लिए बहुत जरूरी है। ये तरीके उन्हें काफी मदद करेंगे।
